वर्धा दिनांक 12 नवंबर (विशेष प्रतिनिधि)
देश में दो विचारधाराएं हैं, एक कांग्रेस की और दूसरी आरएसएस और बीजेपी की। कांग्रेस की विचारधारा बहुत पुरानी विचारधारा है और यह सभी को एकजुट करती है, जबकि आरएसएस और भाजपा की हिंदुत्व की विचारधारा विभाजनकारी है और यह देश में नफरत फैला रही है। यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सेवाग्राम में चार दिवसीय कांग्रेस राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के ऑनलाइन शुभारंभ के मौके पर कही। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर जम कर हमला बोला।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश में हजारों सालों से जो विचारधारा चल रही है, वह कांग्रेस की विचारधारा है। महात्मा गांधी उसी रास्ते पर चले और कांग्रेस उसी रास्ते पर चल रही है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और कांग्रेस के आदर्श अलग हैं। आरएसएस और बीजेपी के रोल मॉडल सावरकर हैं, जबकि कांग्रेस के रोल मॉडल महात्मा गांधी हैं। पूर्व में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा को समझने और लोगों तक पहुंचने में सफल रहे थे, लेकिन हाल में यह किसी कारण से थोड़ा अवरुद्ध हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि बहरहाल, अब कांग्रेस के विचार को नए जोश के साथ जमीनी स्तर पर ले जाने की जरूरत है।उन्होंने नेताओं से कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को पूरे देश में फैलाना है, लोगों को समझाना है। किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता या नेता के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। राहुल गांधी ने कहा कि जब आतंकवाद की बात आती है, अनुच्छेद 370, राष्ट्रीयता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इसके बारे में पूरी तरह से पता होना चाहिए। उन्हें प्रशिक्षित और तैयार करने की जरूरत है ताकि इसे लोगों के सामने ठीक ढ़ंग से पेश किया जा सके।
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाते हैं लेकिन वे वहां टिक नहीं पाते हैं। बीजेपी और आरएसएस उनका इस्तेमाल करते हैं । जो लोग कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में वापस आ गए हैं, उनका कहना है कि उन्हें वहां सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं मिलती है। कुछ लोग डर के मारे बीजेपी में चले जाते हैं लेकिन वे वहां ज्यादा दिन नहीं रह पाते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जैसे भगवान महादेव ने विष निगल लिया था, वैसे ही कांग्रेस की विचारधारा भाजपा की शातिर विचारधारा को निगल जाएगी। जो नफरत आज हर जगह फैलाई जा रही है। माहौल बिगड़ रहा है, उसकी तस्वीर बदलेगी। कांग्रेस की विचारधारा को जमीनी स्तर पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सबसे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मन से दु:ख और भय को दूर करना आवश्यक है। उन्हें डर और चिंताओं से छुटकारा दिला कर लड़ने के लिए तैयार करें। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक बुनियादी अंतर है और वह यह है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के चेहरे पर हमेशा उत्साह और खुशी रहती है, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे गुस्से और डरे हुए लगते हैं।
इससे पहले महाराष्ट्र के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री व वर्धा के पालक मंत्री सुनील केदार ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सचिन राव ने कहा कि स्वराज्य और सर्वोदय का मार्ग प्रशस्त करने वाली कांग्रेस पार्टी पर आज हमला हो रहा है। यह बहुत खतरनाक है कि कट्टर, तानाशाही प्रवृति के लोग देश की राजनीति को विभाजनकारी की तरफ ले जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ पूरी कांग्रेस पार्टी लड़ रही है। कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर, इस संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम सभी को यहां प्रण कर अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना है ।
कार्यक्रम का परिचय प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिन राव ने किया और इसका संचालन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव हर्षवर्धन सपकाल ने किया। इस प्रशिक्षण शिविर के लिए देश भर के 30 राज्यों से कांग्रेस के 200 पदाधिकारी सेवाग्राम आए हैं। प्रशिक्षण शिविर का समापन 15 नवंबर को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की मौजूदगी में होगा ।






