आज नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जा रहा है जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। धनतेरस के दूसरे दिन और दिवाली के एक दिन पहले छोटी दिवाली के रूप में नरक चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन घर के हर एक कोनों में दीपक जलाया जाता है।
नरक चतुर्दशी का एक नाम और भी है जिसे रूप चौदस कहा जाता है इस दिन सुबह-सुबह उबटन लगाकर नहाने की परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि नरक चतुर्दशी पर यमदेव की पूजा और दीपक जलाने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु का डर खत्म हो जाता है। दिवाली के दिन पहले दीपक जलाने से जीवन में चल रही सभी तरह की परेशानियां कम हो जाती है।
नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है, इस दिन मुख्य रूप से शाम को 5 दीए जलाए जाते हैं। इन पांच दीयों को रसोई, पूजा स्थल, पानी रखने का स्थान, पीपल के पेड़ पर और घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता है। नरक चतुर्दशी पर दीपक जलाने पर सुख-समृद्धि का प्राप्ति होती है। हालांकि कहीं दूसरे जगहों पर नरक चतुर्दशी के दिन पांच दीपक जलाने के स्थान पर 14 दीए जलाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि आज नरक चतुर्दशी की रात को ये 14 दीए कहां-कहां जलाएं…
1. एक दीपक शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे पर रखना चाहिए।
2. नरक चतुर्दशी के दिन एक दीपक कर्ज मुक्ति और बाधाओं को दूर करनेए के लिए सुनसान जगह पर रखें।
3. घर पर एक दीपक मां लक्ष्मी की प्रतीमा के सामने रखें।
4. नरक चतुर्दशी पर घी का दीपक तुलसी के पौधे के पास रखें।
5. एक दीया अपने आस-पास मौजूद पीपल के पेड़ के नीचे रखें।
6. नरक चतुर्दशी की रात को एक दीपक मंदिर में रखें।
7. जहां आप अपने घर का कचरा रखते है उस स्थान पर एक दीया जरूर रखें।
8. अपने घर में जहां पानी की निकासी होती हो वहां पर रखें।
9: नरक चतुर्दशी पर घर की छत के कोने में एक दीपक रखें।
10. रसोई घर में चूल्हे के पास एक दीया अवश्य रखें।
11. एक दीया घर के मुख्य द्वार के पास बनी खिड़की पर रखें।
12. छोटी दीवाली पर सीढ़ियों के पास एक दीप जरूर रखें।
13. जहां पर पानी रखा जाता है वहां पर एक तेल का दीपक जलाएं ।
14. दक्षिण दिशा में एक सरसों के तेल का दीपक जलाकर रखें।





