श्री कृष्ण की पूजा-आराधना के लिए भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि अत्यंत ही शुभ मानी गई है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने पृथ्वी लोक पर जन्म लिया था। यही वजह है कि हर कोई कान्हा की कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी के दिन व्रत रखकर पूजा करता है।
कृष्ण जन्मोत्सव के दिन रात में 12 बजे कान्हा के जन्म के बाद उनकी पूजा करके व्रत का पारण किया जाता है। साथ ही इस दिन लड्डू गोपाल को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के पकवान अर्पित किए जाते हैं। उन्हें झूला झुलाया जाता है। इसके अलावा मनोकामना पूर्ति के लिए इस दिन उपाय भी किए जाते हैं।
ज्योतिष के अनुसार, यदि आप भी किसी विशेष मनोकामना को लेकर इस साल जन्माष्टमी का व्रत रखने जा रहे हैं, तो आपको कुछ उपाय भी जरूर करने चाहिए। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में…
कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा के उपाय
जन्माष्टमी पर कान्हा की पूजा में चांदी की बांसुरी चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से हर काम में सफलता मिलती है। साथ ही यदि परिवार के लोगों में कलह की स्थिति रहती है तो वो भी समाप्त हो जाती है।
यदि कोई शत्रु आपकी परेशानी का बड़ा कारण बन रहा है, तो आप उससे बचने के लिए जन्माष्टमी के दिन ”क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:” का जप करें। ज्योतिष अनुसार इससे शत्रु का भय कम होता है।
ज्योतिष के अनुसार, यदि आप आर्थिक परेशानियों से घिरे रहते हैं, तो इस साल जन्माष्टमी पर कान्हा का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से कृष्ण जी के साथ धन की देवी लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
भगवान श्री कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहा जाता है। यानी पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें और लड्डू गोपाल को पीले फल, पीले फूल, पीली मिठाई चढ़ाएं।
यदि विवाह में किसी कारणवश विलंब हो रहा है तो शीघ्र विवाह की कामना को पूरा करने के लिए ‘ॐ क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरी:परमात्मने प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम: क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्ल्भाय स्वाहा’ मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से शीघ्र ही विवाह योग्य रिश्ते आने लगते हैं।




