महाराष्ट्र दिनांक 2 एप्रिल ( प्रतिनिधी)
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) अब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) पहुंच गए हैं. इससे पहले उन्होंने अपने ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग के केस (Money laundering case) में ईडी (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया था.
उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) में अपने ऊपर केस रद्द करने की अपील की थी. लेकिन हाईकोर्ट के 15 मार्च 2022 के फैसले से उन्हें कोई राहत नहीं मिली. वे फिलहाल 4 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं.
अब नवाब मलिक ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. नवाब मलिक ने याचिका दायर कर अपील की है कि उन पर लगे केस रद्द किए जाएं. नवाब मलिक पर आरोप है कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और मुंबई बम ब्लास्ट से संबंधित लोगों से जमीन का सौदा किया है.
ईडी ने नवाब मलिक को 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था. इसके बाद स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने प्रथम दृष्ट्या आरोपों में तथ्य पाया और उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. लेकिन नवाब मलिक ने हाई कोर्ट के पीएमएलए कोर्ट की धारा 3 पर प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य को आधार मानने पर ही सवाल उठा दिया. नवाब मलिक ने कहा कि उन पर की गई कार्रवाई ना सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है.






