नागपुर/ वर्धा दिनांक 4 दिसंबर (विशेष प्रतिनिधि)
वर्धा में ब्याज के पैसे को लेकर हुए विवाद में साहूकार ने एक व्यक्ति की कार से कुचल कर हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी, इस जघन्य हत्याकांड की सभी वर्गो की तरफ से भर्तसना हों रही थी
वर्धा में वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपराधी साहूकार नागपुर आ गया. खुद को बड़े ही बेहतरीन तरीके से गिरीपेठ स्थित अपने फ्लैट में बंद करके पुलिस को घंटों तक चकमा देता रहा लेकिन मोबाइल फोन ने उसे फंसा दिया. गुरुवार सुबह करीब 6 बजे उसे अरेस्ट करके वर्धा पुलिस के हवाले कर दिया गया और उसकी कार भी जब्त कर ली गई. आरोपी रवि उर्फ शैलेश गणेश येलणे (44) बताया गया, जबकि मृतक वर्धा निवासी शंभु देवराव सोनगडे (45) है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंभु की पत्नी ने किसी सहेली के माध्यम से रवि येलणे से 5,000 रुपये ब्याज पर उधार लिए थे जिनमें से 3,000 रुपये लौटा दिए थे लेकिन बाकी 2,000 रुपये के लिए रवि और शंभु के बीच विवाद चल रहा था. बुधवार की रात वर्धा पहुंचे रवि ने इसी बात पर विवाद किया. उसने गुस्से में आकर गाड़ी के सामने खड़े शंभु को कार से कुचल दिया. शंभु ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
रवि जानता था कि उसने बड़ा अपराध कर दिया है लेकिन उसके शातिर दिमाग ने बचने के सारे फंडे अपनाए. शंभु को कार से कुचलने के बाद वह बदहवास हालत में रात 2 बजे नागपुर पहुंचा. गिरीपेठ में आरटीओ कार्यालय के पास गली नंबर 1 में बने अपार्टमेंट में उसका फ्लैट है. नागपुर आने के बाद उसने कार उक्त अपार्टमेंट रखने की बजाय 100 मीटर दूर खड़ी की और भागता हुआ अपने फ्लैट पर पहुंचा. रात होने के कारण उसे किसी ने नहीं देखा. वह फ्लैट के भीतर पहुंचा और बहुत ही शातिर तरीके से बाहर से लॉक कर दिया. उधर, वर्धा पुलिस को जानकारी मिलते ही एक टीम नागपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से शहरभर में रवि की तलाश शुरू कर दी लेकिन वह नहीं मिला.
ऐसे में पुलिस ने रवि के मोबाइल फोन की लोकेशन की ट्रेसिंग शुरू की. मोबाइल की अंतिम लोकेशन गिरीपेठ में उसके फ्लैट की ही मिली. आनन-फानन में स्थानीय पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी ने पूरा अपार्टमेंट घेर लिया. सायरन के शोर से अपार्टमेंट में रहने वाले बाकी लोगों की नींद खुल गई और इतनी बड़ी संख्या में पुलिस वालों को देखकर सभी हैरान रह गये. मोबाइल लोकेशन के हिसाब से जब पुलिस रवि के फ्लैट पर पहुंची तो यहां बाहर से लॉक दिखा. समझा गया कि वह यहां आया ही नहीं लेकिन मोबाइल की अंतिम लोकेशन यहीं थी. आसपास के लोगों के पूछने पर वह कुछ नहीं बता पाए. ऐसे में रवि की एक गलती ने उसे गिरफ्तार करवा दिया. फ्लैट पर ताला लगाने के दौरान उसने भीतर आकर मोबाइल स्विच ऑफ किया था. इसलिए हर बार लास्ट लोकेशन यहीं मिल रही थी.
फिर पुलिस ने परिसर के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जांची तो रवि कार से उतरकर तेजी से अपने अपार्टमेंट में फ्लैट की ओर जाता दिखा लेकिन काफी देर तक वह यहां से बाहर आते नहीं दिखा. ऐसे में पुलिस समझ गई कि वह अंदर ही है. बार-बार आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो फिर दरवाजा तोड़कर भीतर आने की बात कही गई. इसके बाद भी रवि ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. फिर पुलिस ने अपना रवैया अपनाते हुए दरवाजा तोड़ने की तैयारी दिखाई को अंदर से आवाज आई, मैं अंदर ही हूं फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया






