अमरावती दिनांक 15 नोव्हेंबर( विशेष प्रतिनिधी)
अमरावती में हिंसा (Amravati Violence) भड़काने के आरोप में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अनिल बोंडे (Anil Bonde) को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। मुसलमानों की रैली के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान 13 नवंबर को दुकानों पर पथराव किया गया।
हिंसा मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री ने दावा किया कि हिंसा में शामिल बदमाशों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, उन्होंने महा विकास अघाड़ी सरकार पर रजा अकादमी की रक्षा के लिए अल्पसंख्यक तुष्टीकरण नीति अपनाने का आरोप लगाया।
बीजेपी के अनिल बोंडे ने कहा कि “कल मुझे ग्रामीण पुलिस ने हिरासत में लिया और आज, मुझे सिटी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, इस महीने की 12 तारीख को 40,000 मुस्लिम भीड़ जमा हो गई थी और उन्होंने कई दुकानों में तोड़फोड़ की। उन्होंने कई लोगों को पीटा है और उसके बाद भी तलवार लेकर आए और पथराव किया। दुर्भाग्य से उनपर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई।”
उन्होंने कहा, “वकीलों की हमारी टीम यहां आई है। वे इसकी स्टडी कर रहे हैं। हम जमानत के लिए आवेदन दायर करने की कोशिश कर रहे हैं। भविष्य की कार्रवाई पुलिस के रुख पर निर्भर करती है।”
अमरावती में हिंसा
कथित त्रिपुरा हिंसा की आग शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक, अमरावती और नांदेड़ जिलों तक फैली हुई नजर आई। अमरावती में, अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित अत्याचारों को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपने के लिए 8,000 हजार से अधिक लोग जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमा हुए। इसके बाद चित्रा चौक और कॉटन मार्केट के बीच तीन जगहों पर पथराव हुआ। भाजपा के विरोध के दौरान हुई हिंसा के कारण अमरावती शहर में चार दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।






