नवरात्रि के पावन पर्व में मां के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार नवरात्रि 8 ही दिनों की है ऐसे में तृतीय और चतुर्थी एक ही दिन है। आज सुबह श्रद्धालु मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना कर सकते हैं साथ ही मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना भी जाएगी।
इस मंत्र का करें जाप
-ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
-पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
-या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
पूजा विधि-
सर्वप्रथम प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें।
अब मां चंद्रघंटा और कूष्मांडा माता का ध्यान करें और उनके समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।
अब माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित करें।
इसके बाद मां को प्रसाद के रूप में फल और मिष्ठान अर्पित करें।
अब मां चंद्रघंटा व मां कूष्मांडा की आरती करें।
पूजा के पश्चात क्षमा याचना करें





