बुध ग्रह को सभी नौ ग्रहों में सबसे तेज माना जाता है. ये 25 दिन तक एक राशि में रहते हैं और फिर राशि परिवर्तन कर देते हैं. सूर्य, शुक्र और राहु ग्रह के अनुकूल बुध ग्रह कन्या और मिथुन राशि के स्वामी हैं. बुध हास्य और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है. 27 सितंबर 2021 दिन सोमवार को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर बुध ग्रह तुला राशि में वक्री यानि उल्टी चाल शुरू कर चुके हैं. 18 अक्टूबर तक इसी स्थिति में रहेंगे.
वहीं दो अक्टूबर को वक्री बुध कन्या राशि में वापस आएंगे और 18 अक्टूबर को कन्या राशि में मार्गी यानी सीधी चाल चलेंगे. बुध का तुला राशि में गोचर और उल्टी चाल व कन्या राशि में बुध के मार्गी होने से सभी 12 राशियों पर इसका असर देखने को मिलेगा.
बुध के वक्री होने पर सबसे अधिक प्रभाव कन्या और तुला राशि पर देखने को मिलेगा. क्योंकि बुध का परिवर्तन इन्हीं दो राशियों को अधिक प्रभावित कर रहा है. इस दौरान निवेश के मामले में सावधानी बरतनी होगी, वाणी दोष की स्थिति न बनने दें. मेष, कर्क, सिंह और धनु राशि वाले व्यापार को लेकर अधिक गंभीर दिखाई देंगे. नए कार्यों को आरंभ कर सकते हैं या फिर रूपरेखा बना सकते हैं. वृष, मिथुन, वृश्चिक और कुंभ राशि वाले क्रोध और अहंकार पर काबू रखें, नहीं तो बने काम भी बिगड़ सकते हैं. मकर और कुंभ राशि वाले बाजार में निवेश सोच समझ कर करें. सेहत का ध्यान रखें





