आज से दिन छोटे और राते लंबी होंगी

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जून मंगलवार को मिथुन संक्रांति के बाद सूर्य देव की उत्तरायण की गति पूरी हो जाएगी और इसी के साथ वे दक्षिणायन हो जाएंगे।

जिस तरह से सूर्य के उत्तरायण होने पर दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, उसी तरह से दक्षिणायन होने पर दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। उत्तरी गोलार्ध में 23 दिसंबर से दिन की अवधि बढ़ने लग जाती है। यानि सूर्य उत्तरायण होने लगते हैं। इस दौरान उत्तरी ध्रुव पर रात हो जाती है, जबकि दक्षिणी ध्रुव पर 24 घंटे सूर्य चमकता है। सूर्य 21 मार्च को भूमध्य रेखा पर सीधा चमकेगा, इसलिए दोनों गोलार्ध में दिन-रात बराबर होते हैं।

सूर्य देव उत्तरायण और दक्षिणायन कब होते है

सूर्यदेव वर्ष में छह माह उत्तरायण होते हैं और छह माह दक्षिणायन की गति करते हैं। सूर्य हर माह राशि परिवर्तन करते हैं जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य उत्तरायण होते हैं और इसके बाद जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हुए आगे बढ़ते हैं और मिथुन में प्रवेश करते हैं, तब दक्षिणायन आरंभ होता है। 15 जून को मिथुन संक्रांति के बाद सूर्य देव की उत्तरायण की गति पूरी हो जाएगी और इसी के साथ वे दक्षिणायन हो जाएंगे।

जिस तरह से सूर्य के उत्तरायण होने पर दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं उसी तरह से दक्षिणायन होने पर दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। 21 जून यानी जिस दिन सूर्य दक्षिणायन होते हैं उस दिन कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें लंबवत् पड़ती हैं, जिसके कारण इस दिन व्यक्ति की छाया लगभग नहीं के बराबर हो जाती है।

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