नागपुर /वर्धा/चंद्रपुर दिनांक 4 अप्रैल (विशेष प्रतिनिधि)
विदर्भ सहित भारत के कई हिस्सों में शनिवार की रात आकाश में चमकीली चीज दिखाई दी जिससे इसके उल्कापिंड या किसी रॉकेट के अवशेष होने की चर्चाएं तेज हो गई और खगोल अभ्यासक इसकी खोज में लग गए
इसके बाद चंद्रपुर और वर्धा जिले में आकाश से गिरी कुछ चीजें सामने आई और अभ्यासक सहित आम नागरिकों में संभ्रम निर्माण हो गया और अभी तक कोई खुलासा नहीं हों पाया है
अब सूत्रों द्वारा मायभूमि न्यूज़ को यह एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है की आसमान से गिरे यह अवशेष चीनी रॉकेट चेंग झेंग 3 बी वाय 77 रॉकेट के तिसरे स्टेज के है जो चीन ने फरवरी 2021 में अंतरिक्ष में भेजा था
फरवरी २०२१ में प्रक्षेपण के बाद रॉकेट ऊर्ध्वाधर कक्षा में चल रहा था, जिसकी पेरीजी 150 किमी और अपोजी 34440 किमी था। लेकिन जब रॉकेट पेरीजी से गुजरता है तो वायुमंडल से खींचे जाने के कारण इसमें कुछ ऊर्जा कम हो जाती है, ऊर्जा कमी होणे के कारण यह रॉकेट अपनी कक्षा से भटक गया और चंद्रपूर के सिंदेवाही इलाके में गिरा.
जब तक रॉकेट पुन: प्रवेश नहीं करता तब तक अपोजी लगातार कम होते जाती है ऐसे वैज्ञानिक सूत्र का कहना है. इसी लिये रॉकेट का थर्ड स्टेज का हिस्सा वापस धरती की तरफ गिरते हुए आया और वातावरण में संपर्क में आने से जल उठा जो खुली जगह या समुद्र में गिरना था






