गोवर्धन पूजा अक्सर दिवाली पूजा के अगले दिन पड़ती है, जो आज 5 नवंबर के दिन मनाई जाएगी. गोवर्धन पुजा को उस दिन के रूप में मनाया जाता है जब भगवान कृष्ण ने भगवान इंद्र को हराया था.
गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन गेहूं, चावल, बेसन से बनी सब्जी और पत्तेदार सब्जियों जैसे अनाज से बने भोजन को पकाया जाता है और भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है.
महाराष्ट्र में इस दिन को बाली प्रतिपदा या बाली पड़वा के रूप में मनाया जाता है. यह दिन राजा बलि पर भगवान विष्णु के अवतार वामन की जीत और बाद में बाली को पाताल लोक में धकेलने की याद दिलाता है. ऐसा माना जाता है कि भगवान वामन द्वारा दिए गए वरदान के कारण, असुर राजा बलि इस दिन पाताल लोक से पृथ्वी लोक में जाते हैं.
Goverdhan Puja Muhurat: गोवर्द्धन पूजा शुभ मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 5 नवंबर 2021 को सुबह के 02 बजकर 44 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 5 नवंबर 2021 को दिन के 11 बजकर 14 मिनट तक
गोवर्द्धन पूजा प्रातकाल मुहूर्त: 5 नवंबर 2021 को सुबह के 06 बजकर 36 मिनट से सुबह के 08 बजकर 47 मिनट तक
गोवर्द्धन पूजा सांयकाल मुहूर्त: 5 नवंबर 2021 को दिन के 03 बजकर 22 मिनट से शाम के 05 बजकर 33 मिनट तक
Goverdhan Puja: गोवर्धन पूजा विधि
गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja Vidhi) के लिए सुबह उठकर पूजा स्थल पर गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाते है.
इस पर्वत पर अक्षत, चंदन, धूप और फूल चढ़ाते हैं.
इसके बाद पर्वत के सामने दीपक जलाकर पकवानों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है.
पूजा करने के बाद व्यंजन जैसे गुड़ से बनी खीर, पूरी, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाकर गाय को खिलाना चाहिए.
पूजा के बाद प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटा जाता है.
गोवर्धन पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें
गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।
विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।





