दशहरा या विजयदशमी आज यानी 15 अक्टूबर, शुक्रवार को है। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस त्योहार हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसके अलावा मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। तभी से इस त्योहार को मनाने की परंपरा चली आ रही है।
जानिए रावण दहन के शुभ मुहूर्त-
रावण दहन के शुभ मुहूर्त-
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक।
अमृत काल- रात को 10 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक।
दशहरे को लेकर ये कथा भी है प्रचलित-
एक कथा के अनुसार जब दुर्योधन ने पांडवों को बारह वर्ष तक वनवास और एक वर्ष तक अज्ञातवास दिया था, तो अज्ञातवास के समय अर्जुन अपने धनुष-वाण शमी के वृक्ष में छिपा कर विराट राजा के यहां नौकरी करने लगे थे। एक दिन विराट राजा का पुत्र उत्तर कुमार गायों की रक्षा के लिए कौरवों से लड़ने गया, तब शत्रुओं की प्रबल सेना देखकर उत्तर कुमार ने रणभूमि से भागने का उपक्रम किया, पर अर्जुन ने उसे रोककर अपने धनुष-वाण शमी के पेड़ से निकाले और शत्रुओं पर विजय प्राप्त की। इस प्रकार विजयादशमी प्राचीन काल से अधर्म पर धर्म की, पशुता पर मानवता की, राक्षसत्व पर देवत्व की विजय का दिन है।





