कोराडी नागपूर दिनांक 16 जुलाई ( प्रतिनिधी)
कोरडी पावर प्लांट में खसाला ऐश (राख ) झील का बांध फटने से नागपुर में अब प्रदूषण का बड़ा खतरा बन गया है। इस परियोजना में लाखों टन राख का भंडारण किया गया था, जिसके बहाव का अब नागपुर में नदियों, नालों, पाइपलाइनों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
यह भी भविष्यवाणी की गई है कि आने वाले कुछ समय के लिए इस क्षेत्र की कृषि भूमि बंजर हो जाएगी।
कोराडी थर्मल पावर प्लांट का ऐश डैम ढह गया है और राख दूर-दूर तक बह गई है। चूंकि यह राख नागपुर में विभिन्न जल निकायों और अन्य जल स्रोतों में मिश्रित होने की संभावना है, नागपुर के लोगों को अब प्रदूषण का खतरा है। जिन खेतों में यह राख पानी की तरह फैल गई है, वहां अब जमीन बंजर होने की संभावना है।
आशंका जताई जा रही है कि इस घटना से नागपुर शहर की जलापूर्ति योजना प्रभावित होगी। हर तरफ राख का पानी बह रहा है। नागपुर के सभी जगहों पर पानी में राख दिखाई देती है और देखा जाता है कि यह राख कई किमी तक मौजूद है। इसलिए ऐसा लगता है कि नागपुर के लोगों को आने वाले कई सालों तक इस राख का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
कोरडी थर्मल पावर प्लांट का खासला राख बांध शनिवार को ढह गया। राख पानी से धुल गई है और कई किलोमीटर तक पहुंच गई है। फ्लाई ऐश का पानी खसला, म्हसला, कवथा, खैरी आदि आसपास के गांवों में बह रहा है। इस झील के रिसाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं






