महाराष्ट्र दिनांक 25 एप्रिल ( प्रतिनिधी)
हनुमान चालीसा विवाद पर सीएम उद्धव ठाकरे बेहद आक्रामक होते दिख रहे हैं। उन्होंने बीजेपी को सीधे लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा कि दादागिरी मत करिएगा। ऐसा करने की कोशिश भी की तो हमें पता है कि इसे कैसे ध्वस्त करना है। शिवसेना को उकसाइए मत, वर्ना बहुत महंगा पड़ जाएगा।
उद्धव ने कहा कि लगातार ये कहा जा रहा है कि हमने हिंदुत्व को छोड़ दिया है। ये क्या कोई धोती या और कोई चीज है, जिसे छोड़ा जा सकता है। हमारा हिंदुत्व गदाधारी है। जैसे हनुमान जी की गदा होती है ठीक वैसे ही। उनका कहना था कि अगर किसी को हनुमान चालीसा का पाठ करना है तो मुझे कॉल करिए। मेरे घर पर आईए। लेकिन हमें गुस्सा मत दिलाएं।
शिवसेना अध्यक्ष ठाकरे ने भाजपा का नाम लिये बगैर उस पर निशाना साधा और दावा किया कि उन्हें हिंदुत्व सिखाने वाले उस वक्त ‘चूहे के बिल’ में छिपे थे जब बाबरी मस्जिद गिराई गयी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप मेरे घर पर ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ना चाहते हैं, आइए। लेकिन सही तरीके से आइए।’’
उन्होंने भगवान हनुमान का संदर्भ देते हुए कहा कि शिवसेना का हिंदुत्व ‘गदाधारी’ है, जबकि विरोधियों का हिंदुत्व ‘घंटाधारी’ है।
अमरावती से सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने ठाकरे के मुंबई स्थित निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही थी। इससे शिवसैनिक नाराज हो गये थे।
बाद में राणा दंपती ने अपने आह्वान को वापस ले लिया था और एक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई प्रवास का हवाला दिया था।
इससे पहले आज दिन में भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि अगर हनुमान चालीसा पढ़ना राजद्रोह है तो ‘‘हम सभी यह अपराध करने के लिए तैयार हैं।’’
ठाकरे ने परोक्ष निशाना साधते हुए हिंदुत्व के प्रति भाजपा के योगदान पर सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हिंदुत्व सिखाने वालों को खुद से हिंदुत्व के प्रति योगदान के बारे में पूछना चाहिए। जब बाबरी (मस्जिद) गिराई गयी थी तो आप चूहे के बिल में छिप रहे थे।’’
ठाकरे ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का फैसला आपकी (भाजपा की) सरकार ने नहीं बल्कि उच्चतम न्यायालय ने लिया।






