भारत दिनांक 26 अक्टूबर (विशेष प्रतिनिधि)
महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर नए आरोप लगाए हैं।
मलिक ने ट्विटर पर एक चिट्ठी जारी की है। उनका दावा है कि यह पत्र उन्हें एनसीबी के एक अनाम अधिकारी से मिला है। चार पन्नों के पत्र में वानखेड़े पर बॉलीवुड स्टारों से वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं। मलिक ने अपने ट्वीट में बताया है कि वे इस पत्र को डीजी नारकोटिक्स को भेज रहे हैं। यह पत्र वानखेड़े के खिलाफ एनसीबी की जाँच का हिस्सा होना चाहिए।
पत्र में अनाम अधिकारी ने कहा है कि वह बीते दो साल से एनसीबी के मुंबई कार्यालय में तैनात है। इसमें कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत केस में जब ड्रग्स एंगल की जाँच सौंपी गई तो राकेश अस्थाना ने अपने खास कमलप्रीत सिंह मल्होत्रा को एसआईटी प्रभारी बनाकर मामला सौंप दिया।
डायरेक्टरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) से वानखेड़े को एनसीबी में लाकर जोनल डायरेक्टर के पद पर ज्वाइन करवाया गया। पत्र में दावा किया गया है कि वानखेड़े को यह तैनाती अमित शाह के कहने पर मिली। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बनने से पहले अस्थाना एनसीबी के डीजी थे।
पत्र में दावा किया गया है कि इसके बाद ड्रग्स मामले में बॉलीवुड से जुड़े लोगों को फँसाने और उनसे वसूली का सिलिसिला शुरू हुआ। इसके अनुसार दीपिका पादुकोण, करिश्मा प्रकाश, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह, भारती सिंह, हर्ष लिम्बाचिया, रिया चकवर्ती, सौविक चकवर्ती, अर्जुन रामपाल से उगाही की गई।
यह वसूली वकील अयाज खान ने करके दी। पत्र में अयाज को वानखेड़े का दोस्त बताते हुए कहा गया है कि वह एनसीबी आफिस बेरोकटोक आता-जाता है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि वानखेड़े जब भी किसी बॉलीवुड कलाकार को पकड़ता है तो उसे वकील के तौर पर अयाज की सेवा लेने को कहा जाता है। उगाही के मामले में यह भी दावा किया गया है कि मल्होत्रा और वानखेड़े ने वसूली कर अस्थाना को भी हिस्सा दिया।






