अब पेड़ों की कटाई के साथ छंटाई के लिए भी बाकायदा अनुमति लेनी होगी। वृक्ष प्राधिकरण विभाग की ओर से मनपा जोन के अधिकारी को वृक्ष अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस अधिकारी की सहमति मिलने के बाद ही पेड़ों की छंटाई की जा सकती है।
अभी तक पेड़ की छंटाई के लिए उद्यान अधीक्षक को आवेदन देना पड़ता था। कई बार तो कुछ लोग बिना आवेदन दिए पेड़ों की छंटाई कर देते थे। ऐसे समय में जोन के लोगों का ध्यान भी गया तो उन्हें लगता था कि अनुमति उद्यान विभाग से ली होगी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
अप्रैल 2021 से राज्य सरकार की ओर से नया नियम लागू करने से जोन लेवल पर अधिकारियों को इसका अधिकार दिया गया है। पेड़ों की छंटाई का आवेदन आने पर मनपा उद्यान विभाग परिस्थिति को देखते हुए ही अनुमति देता था। अब जोन के सहायक आयुक्त को आवेदन देगा। सहायक आयुक्त निरीक्षण आदि के बाद आदेश देंेगे। इससे बेवजह होने वाली पेड़ों की छंटाई पर लगाम कसी जा सकेगी। नागपुर शहर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिससे आए दिन पेड़ों की छंटाई होती रहती है। वृक्ष मित्रों ने इस आदेश पर खुशी जताई है।
अभी तक जुर्माना 5000 लगता था
अभी तक पेड़ काटने पर जुर्माने के तौर पर 5 हजार रुपए लगाए जाते थे, जानकार वृक्षमित्र ने बताया कि अब पेड़ों की कटाई करने पर संबंधित विभाग या व्यक्ति को उस पेड़ का मूल्य देखते हुए जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना 1 लाख रुपए तक भी हो सकता है।






