महाराष्ट्र दिनांक 1 एप्रिल ( प्रतिनिधी)
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ CBI से जांच नहीं कराए जाने वाली राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि SIT बना कर जांच उसे सौंपी जाए.
महाराष्ट्र सरकार की दलील थी कि CBI निदेशक एस के जायसवाल राज्य के डीजीपी रह चुके हैं. ऐसे में राज्य के पुलिस अधिकारियों से जुड़ी जांच निष्पक्ष नहीं रह सकती. गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
हाईकोर्ट ने देशमुख पर लगाए गए मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों की प्राथमिक जांच करने का सीबीआई को निर्देश दिया था. परमबीर ने देशमुख पर गृह मंत्री रहते 100 करोड रुपये प्रति माह की वसूली करने समेत भ्रष्ट आचरण के कई आरोप लगाए थे.
वहीं इस संबंध में अनिल देशमुख ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में देशमुख ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 5 अप्रैल को बिना उनका पक्ष सुने उनके खिलाफ जांच किये जाने का एकतरफा आदेश दिया था.






