वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर ने कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार की जमकर आलोचना की और जमकर निशाना साधा
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की मदद करने के बजाय हेडलाइन मैनेजमेंट और अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है। वह अपने यूट्यूब चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनका सुझाव रचनात्मक था लेकिन इसपर केंद्रीय मंत्री ने बहुत असभ्य प्रतिक्रिया दी और इसे सियासी जामा पहनाने की कोशिश की।
नहीं पेश किए जा रहे वास्तविक आंकड़े’
अर्थशास्त्री प्रभाकर ने कहा, इस संकट की वजह से लोगों की नौकरियां जा रही हैं। इलाज कराने में जमापूंजी भी खत्म हो जा रही है। ज्यादातर लोग वित्तीय नुकसान से उबर नहीं पा रहे हैं। जबसे महामारी का प्रकोप शुरू हुआ है, देश में करीब 1.80 लाख लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंकड़े पेश नहीं किए जा रहे हैं। यह आंकड़ा वास्तविक स्थिति से काफी कम है।
परकला प्रभाकर ने कहा कि टीवी पर देखने को मिलता था कि कैसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रैली कर रहे हैं। भीड़ जुटा रहे हैं। कुंभ का मेला चल रहा है। स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें होश आता है। हद तो तब होती है जब कुछ एक्सपर्ट और अन्य लोग इस भीड़ को भी जायज ठहराने लगते हैं। वे यह भी तर्क देते हैं कि दूसरे देशों के मुकाबले हमारी स्थिति अच्छी है। यह सुनकर बहुत बड़ा धक्का लगता है।
पीएम मोदी पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री को अब तो सही आचरण का चुनाव करना चाहिए। सरकार हर परेशान करने वाले सवाल का जवाब नहीं देना चाहती है।मानवता, पारदर्शिता और जवाबदेही ही टिकाऊ होती है।





