नागपुर 20 मार्च 2022 -( महानगर प्रतिनिधी)
रविवार को विश्व शांति सराेवर,जामठा में आत्मनिर्भर किसान और आध्यात्मिक संग्रहालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी ने ऑनलाइन उद्घाटन किया।
इस कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रुप मे ब्रह्माकुमार राजू भाई, उपाध्यक्ष, कृषी एवं ग्रामविकास प्रभाग और ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी सरला दीदी मेहसाना, अध्यक्षा, कृषी एवं ग्रामविकास प्रभाग गुजरात से पधारे थे।
मुख्य अतिथि के रुप में कृपाल तुमाने, लाेकसभा सदस्य एवं सुनील केदार, पशुसंवर्धन और दुग्ध व्यवसाय विकास मंत्री उपस्थित थे।
साथ ही विशेष अतिथि के रुप में मोहन मते, विधानसभा सदस्य, आर. विमला कलेक्टर जिल्हा नागपुर, रश्मी बर्वे, अध्यक्ष, जिल्हा परिषद, नागपुर, संदीप इटकेलवार ट्रस्टी, नागपुर सुधार प्रन्यास, रविन्द्र भोसले , संयुक्त निदेशक, कृषि नागपुर विभाग, परिणीता फुके, वाय. जी. प्रसाद, डायरेक्टर, सेन्ट्रल इंस्टीटयुट फाॅर काॅटन रिसर्च, नागपुर मंचपर उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमारीज् के ग्राम विकास प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा सरला दीदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस अभियान का श्रीगणेश किया था उन्होंने कहा था कि आप किसानाें की आत्मनिर्भरता के लिए उन्हें प्रेरित कर सकते हैं और साथ ही कर्मनिष्ठ बना सकते हैं, अलग अलग गावों में शाश्वत यौगिक खेती का माॅडल बना सकते हैं। उन्हीं संकल्पाें लेकर हमने इस अभियान को तैयार किया है । इस अभियान का लक्ष्य किसानों की दशा सुधारना है। सभी को सात्विक और पाैष्टिक अन्न चाहिए।
किसानों की स्थिति सुधारने के लिए शाश्वत यौगिक खेती के और बढना होगा। बीजों का शुध्दिकरण करने पर किसानाे की आर्थिक स्थिति सुधरेंगी। आध्यात्मिकता के व्दारा किसानों के संकल्पाें शुध्दिकरण करना हाेगा। इस कार्यक्रम में भारत के गांवो गावो से भाई-बहने सम्मिलित हुए है।
ब्रह्माकुमार राजू भाई ने कहा कि प्रंभाग का मूल लक्ष्य है हर आत्मा स्वयं को पहचानें परमात्मा से सर्व संबंध जुटने पर किसान आत्मनिर्भर हो सकेंगे, मन, बुध्दि, संस्कार के अधीन होने से आत्मनिर्भरता खत्म हाे गयी, आत्मा प्रकति पर निर्भर होने से परिस्थितियाें के अधीन हाे गयी, आत्मस्थिति में स्थित हाेकर परमात्मा से संबंध जाेडते हैं, राजयाेग का अभ्यास करते हैं ताे मन, बुध्दि, संस्कार हमारे अधीन होते हैं तब आत्मनिर्भरता बढती है, इस अभियान के माध्यम से बुराइयाें, विक्रतियों से किसान मुक्त होगा, हमारा देश स्वर्ग बनेगा एैसी दुनिया बनाने का प्रयास ईश्वरीय विश्व विद्यालय कर रहा है, राजयोग के माध्यम से यौगिक खेती के जरिये पा ैष्टिक अन्न का उत्पादन होने की आशा उन्होंने व्यक्त की ।
नितीन गडकरी, सडक परिवहन राजमार्ग मंत्री ने वीडीओ संदेश देते हुए किसानाे की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ऑरगॅनिक, जैविक खेत काे अपनाने पर जोर दिया। आनेवाले समय में गाय की अच्छी नस्ल के लिए टेस्ट टयुब का प्रयोग करने की उन्हाेंने सलाह दी। गाव का पानी गांव व खेत का पानी खेत में प्रयोग होना चाहिए। नदी, नालाें के पानी का शुध्दिकरण करना हाेगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारियाें के प्रयासाें की सराहना की।
सुनील केदार, पशुसंवर्धन मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर किसान एक बहुत बड़ा विषय है। किसानाें ने कड़ी मेहनत कर खेती की है, तभी हमारा देश आत्मनिर्भरता की ओर बढा है। गांवो की हालत दिनोंदिन बदतर हो रही है। तमाम प्राकृतिक आपदाओं के बीच हमारा किसान खेती करता है, इस पर विचार होना चाहिए। ब्रह्माकुमारी का यह प्रयास किसानाें की आर्थिक स्थिती सुधारेगा। इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। नागपूर जिल्हाधिकारी आर विमला ने खेती की दशा सुधारने के लिये ब्रह्माकुमारियों के प्रयासों की सराहना की।
लाेकसभा सदस्य कृपाल तुमाने ने किसानों के दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बारिश न हाेने से किसानों काे दुबारा बुआई करनी पडती है। किसानाें के बच्चे घाटे वाली खेती नही करना चाहते वे नाैकरी करना चाहते है। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतो में जाने का पांधन रास्ता होना चाहिए। इस देश की अर्थ व्यवस्था सुधारने का काम किसानाें ने किया है ताे उनकी वर्तमान स्थिति सुधारने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। ग्राम विकास प्रभाग व्दारा किसानों के दशा सुधारने की आशा व्यक्त की।
कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका ब्रह्माकुमारी तृप्ती दीदी ने कहा कि कृषि काे अन्य कारणो पर आधारित होना पड रहा है। कृषि के विकास के लिये सरकार की और प्रयास किए जा रहे है पर हालत नही सुधर रही है। उन्होंने सवाल किया कि अब आत्मनिर्भर किसान अब कहा है जो पहले था। किसानो की आत्मनिर्भरता खत्म होने से विषयुक्त खेती हो रही है। रासायनिक खादाें का प्रयोग हाे रहा है। आत्मा के गुणाे और विशेषताए ही किसानों काे आत्मनिर्भर बनाएंगे। यथार्थ रुप में शाश्वत खेती करने पर किसानाें की आर्थिक स्थिति सुधरेंगी।
प्रारंभ में ब्रह्माकुमार महेंद्र ठाकुर, डायरेक्टर रुची एग्रो फाॅर्म, इन्होने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी शुरुआत नागपुर से हाे रही है, यह उपराजधानी के लिए बहुत बडी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गांवाें व किसानों का विकास नही तो देश का भी विकास नही, किसानाें काे आत्मनिर्भर बनाने गांव पर ध्यान देना चाहिए। यह कार्य क्रम किसानों से जुडने का अच्छा प्रयास है।
अभियान के माध्यम से 1,00,000 गांव में दस्तक देंगे और कृषि संस्कृति से सभी को अवगत कराएंगे। यौगिक खेती से किसान सशक्त हो रहे है और पौधों की बिमारीया खत्म हो रही है इसके लिए हमें प्राकृतिक खेती की आ ेर बढना होगा, शाश्वत यौगिक खेती के बहुत सुंदर अनुभव हमारे भाई बहनों को हुए हैं इसकी हम एक मिशन के रुप में शुरुवात कर रहे हैं।
नागपुर सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी रजनी दीदी ने जगत नियंता परमात्मा काे याद करते हुए गडकरी , दादा भुसे एवं सभी स्थानों से पधारे हुए मान्यवरों का स्वागत किया। पुणे से आये हुये ब्रह्माकुमारी सुनंदा दीदी, राष्ट्रीय संचालिका, इन्होंने काॅमेन्ट्री के द्वारा सभी को कृषि में राजयाेग की अनुभूती करायी।
सभी मान्यवरों की उपस्थिति में विश्व शांति सराेवर में नवनिर्मित आघ्यात्मिक म्युझियम का उद्घाटन किया गया, विभिन्न शहराें से पधारे अभियान या़त्रीयों को सरला दीदी तथा राजु भाई के हाथों कलश व झंडा देकर अभियान का शुभारंभ किया,
ब्रहमाकुमारीज नागपुर की सह संचालिका बीके मनीषा ने यात्रीयाें काे प्रतिज्ञा करवायी। इस अभियान काे शुभकामनाएं देने के लिये माउंट आबू से पधारे बी.के. देव के अलावा पुणे से आये हुये बी.के. दशरथ आदि कई गणमान्य उपस्थित थे।
आभार प्रदर्शन प्रेम प्रकाश ने किया। इस कार्यक्रम करीब 2000 लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन धमतरी से आये हुये ब्रह्माकुमारी सरीता दीदी ने किया।






