नागपुर दिनांक 14 मार्च ( महानगर प्रतिनिधी)
जिन मीटरों का कंजम्शन 30 यूनिट तक आ रहा है, उन मीटरों की जांच महावितरण की तरफ से की जा रही है। इतना कम कंजम्शन संदेह पैदा करता है। जांच में मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने के मामले उजागर हुए हैं।
पुराने मीटरों में टेंपरिंग करके भी स्पीड कम करने के मामले सामने आए हैं। नागपुर परिमंडल में 30 यूनिट तक कंजम्शन देने वाले हजारों मीटर हैं। महावितरण का दावा है कि इन सभी मीटरों की जांच होगी।
बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार :
शहर में 30 यूनिट तक कंजम्शन देने वाले मीटरों की जांच शुरू हो गई है। महावितरण के हर वितरण केंद्र में ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई है। वितरण केंद्र का स्टाफ संबंधित उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर की जांच-पड़ताल कर रहा है। संबंधित उपभोक्ता के घर बिजली का कितना कंजम्शन है, इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। लाइट, पंखे, टीवी, फ्रीज, कुूलर, गीजर आदि का हिसाब कर बिजली का मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच-पड़ताल में खुलासा हुआ कि, मीटर में छेड़छाड़ की गई है। मीटर में टेंपरिंग करके लोड बायपास किया गया है।
जुर्माने के साथ केस दर्ज किए जा रहे हैं :
महावितरण ने ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ केस तैयार किए हैं। जुर्माने के साथ बिल का भुगतान नहीं करने पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। शहर के हर वितरण केंद्र में इस तरह के उपभोक्ता मिल रहे हैं। जिनकी दुकानें बंद है या वाकई में कंजम्शन कम है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। हर वितरण केंद्र की ओर से इस बारे में वरिष्ठों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
मुख्यालय ने दिया है जांच का आदेश :
महावितरण का कहना है कि, 30 यूनिट तक कंजम्शन के मीटरों की जांच के आदेश मुख्यालय से मिले हैं। संबंधित मीटरों की जांच-पड़ताल का काम जारी रहेगा। जिन उपभोक्ताआें ने मीटर में छेड़छाड़ नहीं की, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। दुकान या मकान बंद रहने पर कम कंजम्शन होता है, लेकिन 30 यूनिट तक कंजम्शन की संख्या हजारों में है, जिसकी जांच जरूरी है। बिजली चोरी रोकने पर महावितरण काम कर रहा है।






