Koo App ने अपनाई ‘स्वैच्छिक आचार संहिता, बढ़ाएगा चुनावी कानूनों और कार्यप्रणाली के प्रति यूजर्स का भरोसा 

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माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने दिखाई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के प्रति प्रतिबद्धता

यूजर्स की सुरक्षा और के लिए शिकायत निवारण को दी जाएगी प्राथमिकता

भारत 14 जनवरी, 2022:(प्रतिनिधि)

सोशल मीडिया पर आगामी चुनावों से संबंधित चर्चा को सुरक्षित रखने की दिशा में एक कदम उठाते हुए देश के पहले माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo App ने ‘स्वैच्छिक आचार संहिता को अपनाया है। पहली बार 2019 आम चुनाव से पहले इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा निर्मित स्वैच्छिक आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत की गई थी। यह आचार संहिता चुनावों के दौरान सोशल मीडिया के निष्पक्ष और नैतिक इस्तेमाल के लिए है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में फरवरी और मार्च 2022 के बीच होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आचार संहिता को अपनाकर, Koo App यूजर्स को एक जिम्मेदार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित और निष्पक्ष चुनाव के लिए अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन देता है।

भारतीयों को अपनी मातृभाषा में खुद को अभिव्यक्ति का अधिकार देने वाला मेड-इन-इंडिया प्लेटफॉर्म चुनावी आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन को सीमित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेगा। Koo App यूजर्स को सूचित और शिक्षित करने के साथ ही चुनावी कानूनों और कार्यप्रणाली में उनका भरोसा बढ़ाएगा।

एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मंच के रूप में Koo App के पास एक विशेषरूप से निर्मित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ है जो निर्धारित समय में समाधान की सुविधा प्रदान करता है, यूजर्स को अपमानजनक और द्वेषपूर्ण सामग्री से बचाता है और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देता है। यूजर्स को 10 भाषाओं में विचार पेश करने में सक्षम बनाने वाला यह बहुभाषी मंच इस अनुपालन नीति को लागू करने वाला पहला भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म था और नियमित रूप से प्रचलित नियामक दिशानिर्देशों के मुताबिक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ नियमों के तहत असंगत सामग्री को सक्रिय रूप से नियंत्रित करता है।

कू के बारे में

Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। भारतीय भाषाओं में अभिव्यक्ति के लिए एक अनोखे मंच के रूप में Koo App भारतीयों को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में खुद को ऑनलाइन अभिव्यक्त करने में सक्षम बनाता है। भारत में, जहां 10% से अधिक लोग अंग्रेजी में बातचीत नहीं करते हैं, Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है।

मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है, जो यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। प्लेटफॉर्म ने हाल ही में 2 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छुआ है और अगले एक साल में 10 करोड़ डाउनलोड तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के मशहूर लोग द्वारा अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।

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