कोरोना वायरस के फिर से बढ़ते संकट के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक ऐसी किट को मंजूरी दे दी है जिसका इस्तेमाल ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाने के लिए किया जाएगा. इस खास किट का निर्माण टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स द्वारा किया गया है और इसका नाम ओमीश्योर (OmiSure) है. इस किट को 30 दिसंबर को मंजूरी मिली थी.
वर्तमान में भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाने के लिए जिस किट का उपयोग किया जा रहा है, उसे अमेरिका स्थित वैज्ञानिक उपकरण कंपनी थर्मो फिशर (Thermo Fisher) द्वारा विकसित किया गया है. यह वेरिएंट का पता लगाने के लिए एस जीन टारगेट फेल्योर (S Gene Target Failure, SGTF) रणनीति का उपयोग करता है.
थर्मो फिशर में एस जीन का पता नहीं चलता
‘एस’ जीन, ओआरएफ, ‘एन’ जीन, आरडीआरपी, ‘ई’ जीन आदि वायरल जीन हैं जिन्हें कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए लक्षित किया जाता है. ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले में, थर्मो फिशर (Thermo Fisher) के टाक पाथ (Taq Path) आरटी-पीसीआर टेस्ट में जीन में उत्परिवर्तन के कारण ‘एस’ जीन का पता नहीं चलता है, जबकि अन्य जीन लक्ष्य जैसे ओआरएफ जीन और एन जीन का पता लगाया जाता है.






