नागपूर के अस्पतालों में डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। डॉक्टर भी इसका शिकार हो रहे हैं। मेयो में भी इसी तरह की स्थिति हो रही है, जिसका कारण है समय पर फ्यूमिगेशन न होना। अस्पताल में वार्ड और अन्य स्थानों पर समय पर फ्यूमिगेशन नहीं होने के कारण डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं।
अब तक 35 से 40 डॉक्टर हो चुके हैं पॉजिटिव
जानकारी के अनुसार, इंदिरागांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेयो) में अब तक करीब 35 से 40 डॉक्टर डेंगू पॉजिटिव हो चुके हैं। अब भी यह सिलसिला जारी है। इसका कारण है अस्पताल में फ्यूमिगेशन न होना और आसपास के क्षेत्र में घास की कटाई न होना। दिन में डॉक्टर वार्ड में ड्यूटी पर रहते हैं। साथ ही कैजुअल्टी में पूरे दिन डॉक्टर रहते हैं। डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। इससे अधिकतर डॉक्टर भी बीमार हो रहे हैं और मरीज भी डेंगू पॉजिटिव आ रहे हैं। वार्ड और आसपास के क्षेत्र में हफ्ते या दो हफ्ते में फ्यूमिगेशन होना जरूरी है, लेकिन यह नहीं हो रहा है। इसके कारण डेगू के मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही आसपास के मैदान और खाली जगह पर बड़ी घास और झाड़ियां उग गई हैं। इससे उस क्षेत्र की सफाई नहीं हो पा रही और बारिश का पानी जमा हो रहा है।






