मनपा चुनाव पर ग्रहण ,4 सदस्यीय प्रभाग पद्धति पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक

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नागपूर दिनांक 23 ऑगस्ट ( प्रतिनिधी)

महानगरपालिका के आम चुनावों को लेकर महाविकास आघाड़ी की ओर से लिए गए फैसले को सत्ता परिवर्तन के बाद शिंदे-फडणवीस सरकार ने बदल दिया है लेकिन अब इसे चुनौती देते हुए दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद फिर एक बार मनपा चुनाव पर ग्रहण लग गया है.

उल्लेखनीय है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही नई सरकार ने महाविकास आघाड़ी द्वारा लिए गए निर्णयों को पलटने का सिलसिला शुरू कर दिया था जिसमें महानगरपालिका के चुनाव को लेकर लागू की गई 3 सदस्यीय प्रभाग पद्धति को भी बदलने का निर्णय लिया गया था. नई सरकार के निर्णय के अनुसार वर्ष 2017 में हुए चुनावों के अनुसार ही 4 सदस्यीय प्रभाग रचना होने का अनुमान लगाया जा रहा था. हालांकि इसे लेकर नई प्रभाग रचना और अन्य प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी. केवल सरकार ने अपने स्तर पर ही सदस्य संख्या का निर्णय लिया था.

 

भाजपा के लिए झटका

राजनीतिक जानकारों के अनुसार महाविकास आघाड़ी की ओर से वर्ष 2017 की प्रभाग रचना बदले जाने से कई महानगरपालिकाओं में भाजपा के लिए कठिनाई खड़ी हुई थी. यही कारण था कि सत्ता परिवर्तन होते ही सर्वप्रथम इस प्रभाग रचना को बदलने का निर्णय लिया गया किंतु अब सुको की ओर से ‘जैसे थे’ के आदेश देने से भाजपा के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है.

3 सदस्यीय प्रभाग रचना में भाजपा के कई दिग्गजों के लिए प्रभाग में सीट नहीं बची थी जिससे उन्हें आसपास के प्रभागों में किस्मत आजमाना था. यहां तक कि ऐसे प्रभागों में उनका विरोध भी हो रहा था. किंतु 4 सदस्यीय प्रभाग रचना लाते ही वर्ष 2017 के अनुसार प्रतिनिधित्व कर रहे जनप्रतिनिधियों को लेकर निर्णय लेने में आसानी हो रही थी. अब फिर एक बार भाजपा के लिए सिरदर्दी बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं.

 

…तो चलता रहेगा प्रशासक राज

जानकारों के अनुसार 5 मार्च को ही मनपा में नई सत्ता स्थापित होनी चाहिए थी. लेकिन यह संभव नहीं होने से राज्य सरकार ने मनपा पर प्रशासक की नियुक्ति कर दी. हालांकि 3 सदस्यीय प्रभाग रचना को लेकर राज्य चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसी तरह से नवंबर या दिसंबर में चुनाव होने का अनुमान लगाया जा रहा था किंतु पुन: प्रभाग पद्धति बदलने का निर्णय लिया गया. इससे चुनाव फिर टल गए थे. अब सरकार के नये फैसले पर भी ग्रहण लग जाने से मनपा में प्रशासक राज ही जारी रहेगा.

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