नागपूर दिनांक 27 जुलाई ( महानगर प्रतिनिधी )
थैलेसीमिया व सिकलसेल यह गंभीर बीमारियां हैं। थैलेसीमिया से पीड़ित रोगी को हर 15 से 20 दिन में रक्त देने की आवश्यकता पड़ती है और जिंदगी भर महंगी दवाइयां लेनी पड़ती है।
सिकलसेल डिजीज से पीड़ित रोगी को हाथ पैरों में और शरीर में दर्द की वजह से कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है और कभी-कभी रक्त देने की भी आवश्यकता पड़ती है
थैलेसीमिया व सिकलसेल सोसाइटी ऑफ इंडिया पिछले 25 वर्षों से थैलेसीमिया व सिकलसेल इन बीमारियों के इलाज व रोकथाम के लिए निशुल्क कार्यरत है
सोसाइटी द्वारा नागपुर शहर में थैलेसिमिया एंड सिकलसेल सेंटर की स्थापना की गयी है जिसमे थैलेसिमिया व सिकलसेल के रोगियों को निःशुल्क परामर्श, निःशुल्क ब्लड ट्रांसफ्यूजन व आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को निःशुल्क दवाईयां भी दी जाती हैं।
यह बीमारियां आनुवंशिक बीमारियां है जो माता- पिता से बच्चों में आती है । इसीलिए विवाह से पहले हर लड़के लड़की को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि पति-पत्नी दोनों को थैलेसीमिया ट्रेट या सिकलसेल ट्रेट ना हो।
संस्था द्वारा एक ऐसा जेनेटीक डिजीटल ऐप तैयार किया गया हैं जिसमें सिकलसेल व थैलेसीमिया की अपनी रिपोर्ट फीड करने पर उसका थैलेसीमिया व सिकलसेल स्टेटस क्या हैं इसकी विस्तृत जानकारी मिलेगी। उसे आनेवाले समय में क्या क्या तकलीफें हो सकती हैं इसकी भी जानकारी मिलेगी। साथ ही उसे किस जीवनसाथी से शादी करनी है और किस से नहीं करनी हैं उसके बारे में भी जानकारी मिलेगी।इस ऐप के द्वारा यह जाना जा सकता हैं कि आपकी आनेवाली संतान थैलेसीमिया व सिकलसेल की गंभीर बिमारियों से पीड़ित तो नहीं होगी।
हमारे देश में 5 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं। इस ऐप का उपयोग वे सभी लोग कर सकते हैं जिनको थैलेसीमिया व सिकलसेल ट्रेट हैं। हम जनजागृति और इस ऐप के माध्यम से थैलेसीमिया मेजर व सिकलसेल डिजीज इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों को जन्म लेने से रोक सकते हैं और इस बीमारी पर अंकुश लगा सकते हैं। हमारा लक्ष्य हैं कि आनेवाले वर्षों में भारत देश को थैलेसीमिया व सिकलसेल मुक्त किया जाये। इस ऐप का उद्घाटन उद्घाटन सरसंघचालक मोहन भागवत के हाथों से शुक्रवार, तारीख 29 जुलाई होटल सेंटर प्वाइंट, रामदासपेठ में दोपहर 3:30 बजे किया जाएगा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह विशिष्ट अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम में थैलेसीमिया, सिकलसेल के रोगी व उनके परिवारों के साथ साथ देशभर के सेवाभावी डॉक्टर्स भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के पश्चात देश भर से आये कई डॉक्टर व गणमान्य व्यक्तियों का मा. मोहन भागवत के साथ चर्चा सत्र का आयोजन किया गया हैं। ऐसी जानकारी संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर विंकी रुघवानी ने दी






