नागपूर दिनांक 9 जून ( प्रतिनिधी)
कांग्रेस के उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में एक व्यक्ति-एक पद के अलावा 5 वर्ष से अधिक समय तक कोई भी व्यक्ति एक पद पर न बना रहे इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया. इसकी घोषणा शिर्डी में आयोजित शिविर में की गई. इस प्रस्ताव पर अमल करते हुए शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष ने तुरंत ही प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के पास इस्तीफा सौंप दिया.
मनपा चुनाव के जटिल दौर में अचानक शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे के इस्तीफे से उनके समर्थक कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई थी. लेकिन अब प्रदेश कांग्रेस ने लिया है कि मनपा चुनाव होने तक विकास ठाकरे ही अध्यक्ष बने रहेंगे. इससे समर्थकों में फिर से बल्ले-बल्ले होने की जानकारी सूत्रों ने दी.
राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजेंगे प्रस्ताव
नये अध्यक्ष की नियुक्ति और मनपा चुनाव होने तक विकास ठाकरे को ही बनाए रखने की भूमिका अपनाई गई. इस संदर्भ में प्रदेश अध्यक्ष स्वयं अपने स्तर पर फैसला लेंगे. इसके बाद यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा जाएगा. बताया जाता है कि गत 8 वर्षों से विकास ठाकरे शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर हैं.
पार्टी के लिए होगा घातक
पार्टी का मानना है कि शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे गत समय मनपा में महापौर रहे हैं. महानगरपालिका और शहर के राजनीतिक, सामाजिक अन्य मामलों की बारीकी से जानकारी रखते हैं. ऐसे में अचानक मनपा चुनाव के ठीक पहले उन्हें शहर अध्यक्ष पद से अलग कर देना पार्टी के लिए ही घातक साबित हो सकता है. प्रदेश अध्यक्ष पटोले की भी यही इच्छा है.
इतनी जल्दी नये अध्यक्ष के लिए नई टीम तैयार करना और सभी से समन्वय कर मनपा चुनाव की जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होगा. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लड़ने वाली भाजपा को टक्कर देना किसी अन्य के लिए फिलहाल संभव नहीं हो सकेगा. अत: तमाम मुद्दों पर चिंतन कर अब प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव होने तक ठाकरे को ही कमान सौंपने का निर्णय लिया गया है.






