नागपुर दिनांक 8 जनवरी (प्रतिनिधि)
कोरोडी और खापरखेड़ औष्णिक विद्युत निर्मिति प्रकल्प परिसर में होने वाले वायु व जल प्रदूषण के बारे में स्थानीय नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने परिस्थिति की समीक्षा की. इस दौरान राज्य सरकार के विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय योजना तैयार करने के निर्देश दिये.
पर्यावरण मंत्री ने कोराडी और खापरखेड़ा औष्णिक विद्युत प्रकल्प की वजह से परिसर में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए निर्णायक उपाय योजना की सूची महाराष्ट्र विद्युत निर्मिति कंपनी, प्रदूषण नियंत्रण महामंडल सहित सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, मंथन अध्ययन केंद्र पुणे को देने को निर्देश दिये. ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. उपाय योजना के संबंध में प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद विद्युत निर्मिति प्रकल्प परिसर में प्रदूषण नियंत्रण के बारे में ठोस उपाय योजना करने के निर्देश दिये.
इस संबंध में प्रस्तावित कृति प्रारुप तैयार करने के लिए ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत, महानिर्मिति व नियंत्रण महामंडल के साथ बैठक ली जाएगी. परिसर में जल स्त्रोत में फ्लाई ऐश के प्रदूषण की स्थिति जानने के लिए मंथन और सीएफएसडी संस्था को आमंत्रित किया गया था.
नांदगांव में फ्लाई ऐश से बढ़ीं दिक्कतें
मंथन,सीएफएसडी और असर संस्था ने 18 नवंबर को कोराडी और खापरखेड़ा में होने वाले प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. रिपोर्ट प्रदूषित घटकों को जल्द रोकने की आवश्यकता बताई गई है. साथ ही स्थानीय समूह और नागरी संस्था सदस्य सहित स्वतंत्र विशेषज्ञों के निरीक्षण में अब तक प्रदूषण से हुये दुष्परिणाम को दूर करने का सुझाव भी दिया गया.
जिले के नांदगांव में स्थानीय नागरिकों द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये बिना ही फ्लाई ऐश डाली जा रही है. अध्ययनकर्ताओं ने इस अवसर पर कोराडी प्रकल्प में नया यूनिट नहीं बनाने और नांदगांव में नये फ्लाई ऐश पांड को शुरू नहीं करने की मांग की गई.






