नागपुर दिनांक 4 दिसंबर (महानगर प्रतिनिधि)
2 महीने पहले युवक ने तालाब में कूदकर जान दे दी थी, लावारिस समझ कर उसका अंतिम संस्कार किया गया था पुलिस ने मामले की जांच कि तू बड़ा खुलासा हुआ है जिससे पुलिस भी भोचक्की रह गई
रामबाग निवासी मनीष भीमराव वासनिक (35) था। वह किराए से आटो चलाता था। प्रतिस्पर्धा के आॅटो चालक संतोष देवराव रामटेके (30) सावित्रीबाई फुले नगर निवासी उसे परेशान करता था। उसे बस स्थानक के पास से सवारियां ले जाने नहीं देता था। संतोष ने अपने पुलिस कर्मी मित्र की मदद से मनीष को रात भर थाने में बिठाकर रखा था। संतोष और पुलिस ने बेवजह मनीष की बस स्थानक के पास पिटाई की थी।
सरेआम अपमानित किए जाने से 9 अक्टूबर 2021 को मनीष ने शुक्रवारी तालाब में जान दी। 12 अक्टूबर को उसका शव बरामद किया गया था। शव की पहचान नहीं होने से लावारिस समझकर पुलिस ने शव का दाह संस्कार भी किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शव मनीष का है और उसकी आत्महत्या के लिए संतोष जिम्मेदार है। बुधवार को वरिष्ठ निरीक्षक भारत क्षीरसागर के आदेश पर संतोष के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जांच जारी है
प्रतिस्पर्धा के चलते आॅटो चालक को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है। पुलिस का खौफ दिखाकर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी। गणेशपेठ थाने में आरोपी आटो चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।






