कोरोना की दूसरी लहर के कहर से राहत मिलने के बाद पूरी दुनिया पर नए Omicron Variant का खतरा मंडरा रहा है. Omicron को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट पर है. कई देशों में कोरोना के इस खतरनाक वेरिएंट के पाये जाने के बाद एक बार फिर दहशत का माहौल है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने Omicron को ‘बहुत जोखिम वाला’ (Very High) बताया है. अच्छी बात यह है कि भारत में अब तक इसके मामले सामने नहीं आए हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने इसे लेकर राज्यों को सतर्क किया है. राज्य सरकारें भी इसे लेकर ऐहतियाती कदम उठा रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों ने भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नई ट्रैवल गाइडलाइंस भी जारी की है. इन सबके बीच स्वास्थ्य मंत्रालय की नाराजगी के बाद महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra) ने अपने इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन नियम (Maharashtra Institutional Quarantine Rule) में बदलाव किया है. महाराष्ट्र सरकार ने अब सिर्फ ‘अल्ट्रा रिस्क’ वाले 6 देशों के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन की शर्त रखी है.
राज्य सरकार की तरफ से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार बस 6 ‘अति जोखिम’ वाले देशों से आ रहे यात्रियों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन होना होगा. इसके तहत एट रिस्क वाले देशों के यात्रियों को अब आगमन पर इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन की जरूरत नहीं होगी.
एक दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बुधवार को महाराष्ट्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप कुमार व्यास को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य सरकार को केंद्र की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप आदेश जारी करना चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 28 नवंबर को जारी नए दिशा निर्देशों के तहत, ‘खतरे वाले’ देशों से आने वाले यात्रियों को आगमन के पश्चात RT-PCR जांच करानी होगी और नतीजे आने तक हवाई अड्डे पर इंतजार करना होगा.






