महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जेल में घर से खाना मंगवाने की इजाजत मांगी थी. यह मांग मुंबई के विशेष सत्र न्यायालय ने ठुकरा दी थी.
न्यायाधीश एच.एस.सातभई (Judge H.S.Satbhai) ने देशमुख से कहा था, ‘पहले जेल का खाना खाएं, बाद में देखेंगे.’ इसके बाद देशमुख को उन्होंने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इस ज्यूडिशियल कस्टडी के दौरान देशमुख 29 दिसंबर तक मुंबई के आर्थर रोड जेल में रहेंगे.
इस बीच मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) द्वारा इस फैसले के दूसरे ही दिन न्यायाधीश एच.एस सातभाई का ट्रांसफर यवतमाल जिले के केलापुर तालुका (प्रखंड) के कोर्ट में कर दिया गया है.
प्रशासनिक कारणों से की गई है बदली?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 15 नवंबर को दिए गए अपने इस आदेश में कहा कि न्यायाधीश एच.एस.सातभाई का प्रशासनिक कारणों से ट्रांसफर किया जा रहा है. सातभाई को यवतमाल के केलापुर तालुका के सत्र न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर ट्रांसफर किया गया है. एच.एस.सातभई की इस बदली के आदेश पर 13 नवंबर को ही सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति दी है.






