आर्यन खान ड्रग केस 25 करोड़ की रिश्वत मामला,महाराष्ट्र की राजनीती में हलचल तेज

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक स्वतंत्र गवाह के हलफनामे में धमकी और रिश्वत मांगने का आरोप लगाए जाने पर रविवार को महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। इस हलफनामे ने एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।

शिवसेना सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने रविवार को ट्वीट किया कि एनसीबी के गवाह प्रभाकर सैल के दावे चौंकाने वाले हैं।

उन्होंने कहा, यह चौंकाने वाला है कि एनसीबी ने इस मामले में गवाह से कोरे कागजों पर दस्तखत करवाए। साथ ही मोटी रकम की मांग का आरोप भी लगा है।

राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य के गृहमंत्री दिलीप वालसे-पाटिल से पुलिस को स्वत: संज्ञान लेने और मामले की जांच शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया।

महा विकास अघाड़ी सरकार को केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाने के लिए केंद्र पर निशाना साधते हुए राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री जयंत पाटिल ने कहा, यह नोट करना संतोषजनक है कि एनसीबी मामले की सच्चाई अब जनता के सामने कैसे आ रही है।

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मंत्री नवाब मलिक ने जहाज पर छापेमारी सहित पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का आह्वान किया, जिसमें आर्यन खान जैसे कई युवाओं को पकड़ा गया था।

उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि पूरी छापेमारी एमवीए सरकार को बदनाम करने और बॉलीवुड का मनोबल गिराने के लिए एक दिखावा था। मैं व्यक्तिगत रूप से सीएम और एचएम से मिलूंगा और इस मामले में एसआईटी से जांच की मांग करूंगा।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि आर्यन खान को रिहा करने के लिए 25 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग जैसे नए सबूतों ने एनसीबी की भूमिका पर बड़े सवाल उठाए हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

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