दसरा मेळावा : सीएम उद्धव ठाकरे का पूरा भाषण,पीएम मोदी ,भागवत सहित फडणविस पर निशाना

0
11

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने कहा कि मुझे पता है कि बहुत दिनों के बाद आप सभी को बोलने का मौका मिला है. हमारी आवाज ना कोई दबा पाया है और ना कोई दबा पाएगा. आप सभी को दशहरा की ढेरों सारी शुभकामनाएं. 1967 से शुरू हुई इस परंपरा को हम अभी भी लेकर चल रहे हैं. इस दिन मैं आप सभी से आशीर्वाद लेने आता हूं. शास्त्र की पूजा के बाद मैंने आप सभी की पूजा की, क्योंकि आप मेरे असली शास्त्र हो. हमेशा पूजा करते समय यही कहता हूं कि मुझे हर एक जन्म में यही माता-पिता और परिवार मिले.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हूं, ऐसा मुझे नहीं लगता है और ना ही आप किसी को लगता है. मैं आपके परिवार का सदस्य हूं. पहले जो कहते थे कि मैं वापस आऊंगा (देवेंद्र फडणवीस) वो अब कहते हैं कि मुझे लगता ही नहीं कि मैं मुख्यमंत्री हूं. सत्ता आती और जाती है. माता-पिता ने पहले ही कहा था कि जिस दिन अहंकार आएगा, उस दिन तुम खत्म हो जाओगे.

उन्होंने आगे कहा कि आज भी मैं क्या बोलूंगा, किसपर टिप्पणी करूंगा इसपर सबकी नजर है. आज कोरोना की वजह से भीड़ नहीं कर सकते हैं. मेरे भाषण के बाद आज अनेक लोग रुके हुए हैं कि कब मैं बोलूं और कब वो चिढ़ जाएं. मैं उनके लिए नहीं, आप सभी के लिए बोल रहा हूं. कोई ठाकरे परिवार पर हमला कर रहा है. हमला मतलब कोई पैदा नहीं हुआ कि जो हमपर हमला कर सकते. कोई भी परिवार पर टिप्पणी कर रहा है. यह वो हैं, जिनके पास रोजगार नहीं बचा है, इसलिए चिढ़ते रहते हैं.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हर्षवर्धन पाटिल ने पिछले दिनों कहा कि मैं बीजेपी में गया हूं. हर्षवर्धन पाटिल मैं कभी नहीं जा सकता हूं. हर्षवर्धन पाटिल उस विदेशी शख्स की तरह बात करते हैं जो कहता है कि पहले मैं सो नहीं पाता था, लेकिन बीजेपी में जाने के बाद नींद अच्छी आती है. हर्षवर्धन पाटिल ने ऐसी ही बात की. हमें शिवाजी महाराज और शिवसेना प्रमुख ने सिखाया है कि किसी से डरना नहीं है. ईडी-सीबीआई से हम नहीं डरते हैं.

सीएम उद्धव ने कहा कि धमका कर पुलिस के पीछे छुपने वाले हम नहीं हैं. इस तरह के कई लोग हैं, जो ऐसी ही बात करते हैं. हिंदुत्व तो मुद्दा है ही. आज मेरी ही तरह आरएसएस का भी सभा होता है. हमारे विचार एक हैं हिंदुत्व.. इसलिए हम बीजेपी के साथ गए थे. तुमने वचन नहीं माना, नहीं तो हम साथ होते. इसलिए मैंने पिताजी को जो वचन दिया, उसके लिए मैं मुख्यमंत्री बना. मेरे अलावा भी शिवसैनिक मुख्यमंत्री बनेंगे. अगर उन्होंने अपना वचन निभाया होता तो शायद मैं राजनीति से भी चल जाता, लेकिन जो करना था, वो मैंने किया.

उन्होंने कहा कि मैं वो नहीं हूं जो कहता है कि मैं झोला वाला आदमी हूं. आज आरएसएस की भी सभा हुई. हिंदुत्व की बात हुई. मैं मोहन जी को कहता हूं कि माफ कीजिए, आज मैं आप पर टीका टिप्पणी नहीं कर रहा. हिंदुत्व का मतलब राष्ट्र प्रेम है. बालासाहेब ने कहा कि पहले हम देशवासी हैं, उसके बाद धर्म आता है. धर्म घर पर रख हम जब बाहर निकलते हैं, तब देश हमारा धर्म होता है. जब हम देश को धर्म बनकर आगे निकलते हैं और कोई दूसरा धर्म के नाम पर कुछ भी करता है तो उसके खिलाफ बोलना भी हमारा कर्तव्य है.

सीएम ने कहा कि मोहन भागवत ने आज कहा कि जो पिछले बार भी कहा था वो सही है कि पहले सभी के पूर्वज एक थे, बिल्कुल पहले नहीं जा रहा, नहीं तो बंदर तक पहुंच जाएंगे. लेकिन अगर सबके पूर्वज एक हैं तो फिर विपक्ष वाले के पूर्वज इसमें नहीं हैं क्या, किसानों के पूर्वज नहीं है क्या, जिनपर गाड़ी चढ़ाया गया, ये नहीं हैं क्या. मैं मोहन भागवत को पूछता हूं कि क्या आप इससे सहमत हैं जो उनके साथ हो रहा है. आम आदमी से कहना चाहता हूं कि वोट सबसे बड़ा हथियार है.

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने आज कहा कि जो लड़ाई है वो विचार से होना चाहिए, युद्ध नहीं. यह बात आपको उनको भी बतानी चाहिए, जो सत्ता में रहने के लिए कुछ भी कर रहे हैं. नशा की बात की गई, नशा पर कार्रवाई उठाई जानी चाहिए, लेकिन जो सत्ता का नशा कर रहे हैं, उनका क्या. कुछ भी कर सत्ता में रहना है. अगले महीने हमारी सरकार के दो साल हो जाएंगे. अब भी कहता हूं, हिम्मत हो तो इस सरकार को गिरकर दिखाओ.

उन्होंने आगे कहा कि देश का अमृत महोत्सव चल रहा है. आजादी के समय लाल बाल और पाल ने देश को सब दिखाया था. अब भी बंगाल, पंजाब और महाराष्ट्र यह कर रहे हैं. मैं ममता दीदी और बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने सत्ता के आगमन की ताकत दिखाई. अब जो शिवसेना को बदनाम कर रहे हैं, उनसे कहना चाहूंगा कि 92-93 साल में अगर शिवसेना के लोग नहीं उतरते, तो यह हिट भी नहीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीआई में पूछा गया कि क्या हिंदुत्व खतरे में है. जवाब मिला नहीं, लेकिन आज हिंदुत्व खतरे में है, उनसे जो नए नए हिंदुत्व बने हैं. सावरकर का मुद्दा आज जो उठा रहे हैं, उनको समझ भी आता है क्या, सावरकर के बारे में बोलने वाले कौन हैं. पिछले दिनों राजनाथ सिंह ने जो विवादित बयान दिया था, क्या जरूरत थी उसकी, क्या वो इस लायक है कि सावरकर और गांधी के बारे में कुछ कहें. न इनको सावरकर समझ आते है और न ही गांधी.

उन्होंने आगे कहा कि अगर अब हिंदुत्व पर खतरा नहीं है, तो फिर जब खतरा था, तब उनके सामने बालासाहेब ठाकरे हिंदुत्व के दुश्मन के सामने खड़े थे. तब भी कहा गया था कि उड़ा देंगे, लेकिन तब भी कहा था कि जिस रंग की गोली मेरे पर चलेगी, वो रंग इस देश में नहीं दिखेग.। किसी में हिम्मत नहीं हुई. आज जो शेर बन रहे हैं वो बाबरी गिराने के सामने डरकर छुपे हुए थे. तब भी बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि गर्व से कहो, हम हिन्दू हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here