आयकर विभाग ने मुंबई के दो रियल एस्टेट व्यापार समूहों और उनसे जुड़े कुछ व्यक्तियों/इकाइयों के खिलाफ तलाशी और जब्ती अभियान चलाया।
तलाशी अभियान 07.10.2021 को शुरू हुआ और मुंबई, पुणे, बारामती, गोवा एवं जयपुर में फैले दोनों कंपनियों के लगभग 70 परिसरों में चलाया गया। तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों से प्रथम दृष्टया कई बेहिसाबी और बेनामी लेनदेन का खुलासा हुआ है। दोनों व्यापार समूहों की लगभग 184 करोड़ रुपये की बेहिसाबी आय से जुड़े अपराध सिद्ध करने वाले दस्तावेज बरामद किए गए।
सूत्रों की माने तो इसका उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बहनों के यहां गिरे छापे से संबंध है
छापेमारी से इन व्यापारिक समूहों द्वारा कई कंपनियों के साथ लेन-देन का पता चला है, जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होता है। निधियों के प्रवाह के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि फर्जी शेयर प्रीमियम पेश करने, संदिग्ध असुरक्षित ऋण, कुछ सेवाओं के लिए अप्रमाणित अग्रिम की प्राप्ति, फर्जी विवादों से मिलीभगत वाले मध्यस्थता सौदों जैसे विभिन्न संदिग्ध तरीकों के माध्यम से समूह में बेहिसाब धन लाया गया। यह भी पाया गया कि धन का यह संदिग्ध प्रवाह महाराष्ट्र के एक प्रभावशाली परिवार की मिलीभगत से हुआ है।






