COVID-19 महामारी द्वारा बनाई गई स्थिति के कारण प्रोटोकॉल के साथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने सरसंघचालक द्वारा वार्षिक विजयादशमी संबोधन के लिए किसी भी अतिथि को दूसरी बार आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया है। पिछले साल की तरह इस बार भी उत्सव के मौके पर आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ही संबोधित करेंगे।
आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, आमतौर पर सफेद शर्ट और भूरे रंग की पतलून पहने स्वयंसेवकों से भरे मैदान में 500 से अधिक लोग नहीं होंगे।पिछले साल यह संख्या 50 आरएसएस कार्यकर्ताओं तक ही सीमित थी।पदाधिकारी ने कहा, “इस बार थोड़ी बेहतर स्थिति के साथ, हमारे पास मैदान में 200 लोग होंगे। आरएसएस प्रमुख के भाषण का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।”
इस साल विजयदशमी पर आरएसएस शस्त्र पूजा कार्यक्रम सादे अंदाज में मनाएगी। आगामी 15 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना हुई थी। ये दिन आरएसएस के हर कार्यकर्ता के लिए काफी अहम है। इस दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन भी काफी महत्वपूर्ण है।
सूत्रों के अनुसार, 15 अक्टूबर को सुबह 7.30 बजे विजयादशमी उत्सव शुरू होगा। इस वर्ष किसी अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया है और कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार स्मृति मंदिर, रेशमबाग में होने वाले कार्यक्रम में केवल 200 स्वयंसेवक ही भाग लेंगे।






