अगर आपने अभी तक अपने बैंक में केवाईसी नहीं कराया है तो 1 जनवरी, 2022 से आपका खाता सीज कर दिया जाएगा. जिसके बाद आप अपने बैंक खाते से जुड़ा कोई भी लेनदेन नहीं कर पाएंगे.
जी हां, देश के सभी बैंकों के साथ-साथ अन्य वित्तीय संस्थान भी केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों को झटका देने वाले हैं. बताते चलें कि केवाईसी के तहत ग्राहकों को अपने पहचान और एड्रेस का प्रमाण देना होता है.
ज्यादा जोखिम वाले बैंक खातों का हर दो साल में KYC कराना जरूरी
बताते चलें कि केवाईसी की जरूरत सिर्फ बैंकिंग में ही नहीं बल्कि पैसों के लेनदेन और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी सभी सेवाओं में पड़ती है.
जानकारों के मुताबिक बैंकों को जिन खातों में कम जोखिम लगता है वे उन्हें 10 साल में एक बार केवाईसी अपडेट कराने की सलाह देते हैं, जबकि ज्यादा जोखिम वाले खाताधारकों को हर दो साल में केवाईसी कराने लिए कहा जाता है.
बता दें कि जिन डॉरमेट हो चुके बैंक खातों और लंबे समय से Inactive बैंक खातों को दोबारा Active कराने के लिए भी केवाईसी अपडेट कराने की जरूरत पड़ती है.
RBI ने बैंकों को खाते सीज करने से किया था मना
बताते चलें कि इस साल मई में आरबीआई ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए सभी बैंकों से कहा था कि वे ऐसे किसी भी बैंक खाते को 31 दिसंबर, 2021 तक सीज नहीं करेंगे, जिनका KYC अपडेट नहीं हुआ है या पेंडिंग है.
कोरोना महामारी की दूसरी लहर खत्म होने के बाद भी कई खाताधारकों ने अपने बैंक खाते का केवाईसी अपडेट नहीं कराया, जिसके बाद RBI को ऐसा सख्त कदम उठाना पड़ रहा है.
इसके अलावा मौजूदा समय में केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंक जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. अब ऑनलाइन तरीकों से ही केवाईसी कराया जा सकता है, इसके बावजूद कई लोग अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं कराए हैं.
KYC के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
पासपोर्ट
वोटर आईडी कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
आधार कार्ड
नरेगा कार्ड
पैन कार्ड






