इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पुणे की पहल

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पुणे 22दिसंबर, 2021:(प्रतिनिधि)

पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने आरएमआई और आरएमआई इंडिया के सहयोग से पुणे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य रादे से प्रथम सिटी इलेक्ट्रिक वेहिकल (ईवी) एक्सेलरेटर वर्कशॉप आयोजित किया।

इस वर्कशॉप के दौरान, स्थानीय प्रशासन ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में की जा रही विभिन्न पहलों का प्रदर्शन किया और उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों को अपनी सिफारिशें साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान यहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्बन फ्रेट, फर्स्ट एंड लास्ट माइल कनेक्टिविटी और प्रशासन एवं जागरुकता अभियान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। पीएमसी ने नव-निर्मित सिटी ईवी सेल से संबंधित अपना विज़न और योजना साझा की, जो कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपनी तरह की पहली प्रशासकीय व्यवस्था है।

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन एवं प्रोटोकॉल- श्री आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। उन्होंने यहां राज्य के जलवायु संबंधित एजेंडे को दोहराया। उन्होंने परिवहन क्षेत्र के प्रदूषण को कम करने के लिए महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए राज्य की महत्वाकांक्षी ईवी नीति को जमीनी स्तर लागू करने में पुणे शहर के नेतृत्व की सराहना की। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने कहा कि, “सिटी ईवी एक्सेलरेटर पहल से पुणे को अपनी मोबिलिटी सिस्टम को दोबारा परिभाषित करने और उसे भविष्य के लिहाज़ से तैयार करने में मदद मिलेगी। पुणे का ईवी सेल मॉडल, पूरे महाराष्ट्र के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा और राज्य के ईवी लक्ष्य 2025 को पूरा करने के लिए इसे हर जगह अपनाया जाना चाहिए।”

इस वर्कशॉप में नागरिक प्रशासन के हितधारक और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माताओं और ऑपरेटरों, फ्लीट एग्रीगेटर्स, स्टार्ट-अप्स, अकादमिक और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

वर्कशॉप में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन), श्री आशीष कुमार सिंह, विक्रम कुमार- म्युनिसिपल कमिश्नर, पीएमसी और डॉ कुणाल खेमनार- अतिरिक्त नगर आयुक्त, पीएमसी सहित राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने पुणे के ईवी सेल सदस्यों के साथ शामिल हुए।

महाराष्ट्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आशीष कुमार सिंह ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि राज्य की ईवी नीति के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहन, पुणे में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी ढांचा और पारिस्थितिकी तंत्र (ईको सिस्टम) तैयार करने की दिशा में तेज़ी से आगे ले जा सकते हैं।

पुणे में ईवी का तेजी से चलन बढ़ाना, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन की दौड़ से शून्य अभियान और इसके 10 साल के कार्बन न्यूट्रलिटी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए गए वादे को पूरा करने के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण है।

विक्रम कुमार, म्युनिसिपल कमिश्नर, पुणे ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, “पुणे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए ईवी सेल का संचालन करने वाले पहले भारतीय शहरों में से एक है। हम एक ऐसी सिटी ईवी रेडीनेस योजना तैयार कर रहे हैं जिसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सके। हमारा इरादा है अगले एक साल में ऐसी परियोजनाओं को लागू करना, जिससे पुणे में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की तैयारी की जा सके। इस तरह डीज़ल/पेट्रोल आधारित परिवहन व्यवस्था से होने वाले वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा।”

आरएमआई इंडिया की सीनियर प्रिंसिपल अक्षिमा घाटे ने कहा कि, “आरएमआई इंडिया महाराष्ट्र सरकार के प्रगतिशील कार्यों से प्रेरित है। हम पुणे में परिवहन व्यवस्था में स्वच्छ बदलाव लाने की कोशिश का समर्थन करने को प्रतिबद्ध हैं। हम और ज्यादा शहरों के साथ काम करना चाहते हैं ताकि नई रणनीतियां विकसित करके इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त ईको सिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके।”

सिटी ईवी एक्सेलेरेटर प्लेटफॉर्म, हितधारकों के साथ जुड़कर काम करता रहेगा ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दिशा में क्रियान्वन संबंधी चुनौतियों का हल निकाला जा सके।

 

पुणे नगर निगम की जानकारी

पुणे नगर निगम (पुणे महानगरपालिका) एक नागरिक निकाय है, जो भारत के पुणे शहर की आंतरिक सीमाओं को नियंत्रित करता है। यह निकाय, 516 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैले और 50 लाख निवासियों (नए गांवों के विलय के बाद) वाले पुणे शहर की नागरिक जरूरतों और बुनियादी ढांचे की देखरेख करता है। 15 फरवरी 1950 को स्थापित, पीएमसी की कार्यकारी शक्तियां, महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त नगर आयुक्त में निहित है। वर्तमान में यह पद विक्रम कुमार, आईएएस संभाल रहे हैं।

 

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