भारत दिनांक 9 दिसंबर (विशेष प्रतिनिधि)
किसानों ने एक साल से चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने आज इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 11 दिसंबर से प्रदर्शनकारी किसान अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर देंगे. सिंघू बॉर्डर पर किसानों की लंबी बैठक के बाद यह फैसला लिया गया.
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से मिले प्रस्ताव पर उनके बीच सहमति बन गई है. प्रदर्शनकारी किसानों को भारत सरकार से एक पत्र मिला है, जिसमें एमएसपी पर एक समिति बनाने और उनके खिलाफ मामले तुरंत वापस लेने का वादा किया गया है. किसान 13 दिसंबर को अमृतसर के गोल्डन टपल के दर्शन करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 15 जनवरी 2022 को दिल्ली में होगी।
दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चारुनी ने कहा, “हमने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है. हम 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेंगे. अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है, तो हम अपना आंदोलन फिर से शुरू कर सकते हैं.”
किसानों ने जोर देकर यह बात कही है कि वे अपना आंदोलन अभी स्थगित कर रहे हैं, अगर सरकार अपने वादे से मुकरती है तो वे फिर से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं. किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा, “यह किसानों की ऐतिहासिक जीत है. हम उन लोगों से माफी मांगते हैं, जिन्हें विरोध के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ा.”






