नागपुर दिनांक 28 अक्टूबर (शहर प्रतिनिधि)
दोपहिया वाहनों की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। इस गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया था, उसे सूचना-पत्र देकर छोड़ा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों से 28 मोटरसाइकिल सहित करीब 9 लाख 90 हजार रुपए का माल जब्त किया गया है। इस गिरोह का नागपुर जिले के अलावा विदर्भ के अन्य जिले में भी नेटवर्क फैला होने की जानकारी सामने आई है। इस गिरोह में 3 टीमें काम करती हैं।
एक टीम मोटरसाइकिलें चुराने का काम करती है, दूसरी टीम चोरी की मोटरसाइकिलों को अपने ही साथियों से खरीदने की नौटंकी करती है। तीसरी टीम फर्जी दस्तावेज बनाकर चोरी की मोटरसाइकिलों को विदर्भ और मध्यप्रदेश में ले जाकर बेचने का काम करती थी।
इस गिरोह के पकड़े जाने से मोटरसाइकिल चोरी के कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद की जा रही है। अपराध शाखा पुलिस विभाग की यूनिट 5 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मुकुंद सालुंखे व सहयोगियों ने कार्रवाई की।
फर्जी कागजों के आधार पर बेच देते थे वाहन
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नागराज चौक डिप्टी सिग्नल कलमना निवासी वसंत अडभैया की 11 सितंबर को घर के सामने रखी मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। उन्होंने कलमना थाने में मोटरसाइकिल चोरी की शिकायत की।
कलमना पुलिस और अपराध शाखा पुलिस की यूनिट 5 ने संयुक्त रूप से मामले की छानबीन शुरू की। यूनिट 5 ने गुप्त सूचना के आधार पर दोपहिया वाहन चोरों के गिरोह में शामिल आरोपी सचिन बालकृष्ण शंभरकर (31), आशीष रमेश खडसंग (30) भिवापुर, मोहम्मद जाकिर हुसैन अकबर हुसैन (54) इस्माइलपुरा कामठी, नागपुर, उमेश उर्फ बारीक शिवाजी रणदिवे (35) नेहरू वार्ड गोसेबुर्जुग भंडारा और अंकुश सतीश लखेरा (23) आंबेडकर वार्ड बालाघाट मध्यप्रदेश निवासी को धरदबोचा।
आरोपी अंकुश लखेरा नागपुर स्थित तकिया धंतोली में किराए के मकान में रहता था। आरोपियों ने कलमना, धंतोली, पांचपावली, नंदनवन, पारडी, यशोधरानगर, सीताबर्डी, गणेशपेठ, जुनी कामठी, मौदा और वेलतूर थाना क्षेत्र से 28 मोटरसाइकिल चोरी कीं। इस साल की अपराध शाखा पुलिस की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। आरोपी सचिन और आशीष चोरी की मोटरसाइकिल को बेचने का काम करते थे। आरोपी रुपेश उर्फ बारीक अंकुश और एक नाबालिग मोटरसाइकिलें चुराने का काम करते थे।
आरोपी मोहम्मद जाकिर हुसैन चोरी के वाहनों के चेचिस और इंजन के ओरिजिनल नंबर को घिसकर मिटाने का काम करता था। उसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर चोरी के वाहनों को खुद की बताकर बेचा करते थे। आरोपी सचिन और आशीष को पुलिस ने भिवापुर में चोरी की मोटरसाइकिल लेकर घूमते पकड़ा। उसके बाद इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया।






