नगरदेवी श्री आग्याराम देवी(agyaram devi) मंदिर मे 7 ऑक्टोबर से नवरात्र उत्सव प्रारंभ होगा। अब कोरोना का संकट समाप्त होता दिख रहा है । राज्य सरकारने भी 7 ऑक्टोबर से मंदिर दर्शन पूजन हेतू खोलने का निर्णय लिया है।श्रद्धालू भी अत्यंत आनंदी उत्साहित है। अश्विन नवरात्री का प्रारंभ 7 ऑक्टोबर से होगा।
देवी माँ का दरबार 5:00 बजे मंगल स्नान के साथ प्रारंभ होंगा। महापौर दयाशंकर तिवारी के हाथो घटस्थापना 12:30 बजे होगी। अखंड ज्योत जो शुद्ध घी की सामूहिक एक ही होगी जिसका प्रज्वलन दोपहर 2:00 बजे होगा। समस्त वैदिक मंत्र के साथ हवन शहर के वेदशास्त्री निलेश भुसारी के पौरोहित्य में ब्राह्मणों द्वारा होगा ।सामूहिक ज्योत का विसर्जन गुरुवार दिनांक 14 ऑक्टोंबर को 4:00 बजे किया जायेगा।क्रोना अभी भी पूर्णतः समाप्त नही हुआ है ।दर्शनार्थी देवी माँ के केवल दर्शन कर पायेंगे।साड़ी-चोली, पुष्पमाला,पुष्पहार, नैवेद्य नही चढ़ा पायेंगे।
जाने मंदिर में जाने के नियम
*65 वर्ष के उपर के स्त्री/पुरूष भक्त जो वृद्ध,बीमार,अपंग,जिनका ऑपरेशन हुआ है,वे दर्शन हेतू न आये,प्रवेश नही मिलेगा।
*15 वर्ष आयु के नीचे बच्चों को विशेष तौर पर जिनको गोद में या उंगली पकड़नी पड़ती है महिलाये न लेकर आये।
*मास्क पहनकर आना जरूरी।
*कोरोना की RTPCR की TEST तथा लसिकरण का प्रमाणपत्र एवं आधारकार्ड प्रवेश द्वार पर दिखाना जरूरी है।
बाकी सभी कोरोना संबंधि सरकारी नियमों का पालन करते हुए भक्तगण देवी माँ के दर्शन कर पायेंगे ऐसी जानकारी ट्रस्ट अध्यक्ष गिरीश व्यास ने दी।इस समय उपाध्यक्ष सुरेश तिवारी, सचिव हरिओम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विकास पेटकर, सदस्य रामचंद्र पिल्लारे, विनोद आष्टिकर, गिरीजाशंकर अग्रवाल उपस्थित थे।






