नागपूर दिनांक 8 सितंबर ( महानगर प्रतिनिधी )
नागपूर में गुरुवार को यह बात सामने आई है कि खाड़ी देशों से नागपुर में सोने की तस्करी की जा रही है। हथौड़े केे माध्यम से सोने की तस्करी की चौंकाने वाली घटना हाल ही में डॉ. यह बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रकाश में आया है।
इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से लोहे के हथौड़े, स्टेपलर व अन्य औजारों में छिपाकर रखा गया 337 ग्राम सोना जब्त किया गया है.
दुबई से इन सामग्रियों को भारत लाने वाला मजदूर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। एयरपोर्ट पर उससे औजार का बैग लेने आए दोनों आरोपी राजस्थान के नागौर के रहने वाले हैं. इसलिए पुलिस को संदेह है कि नागपुर हवाईअड्डा विदेशों से सोने की तस्करी का नया जरिया बन गया है।
मजदूरों ने सोने की तस्करी का एक नया तरीका विकसित किया और पकड़े जाने से बचने के लिए हथौड़ों, बड़े स्टेपलर और अन्य उपकरणों में छेद के माध्यम से इसे पिघलाया। सोने को पिघलाकर औजारों में छिपा दिया जाता है और फिर इन औजारों को एक मजदूर के माध्यम से भारत भेज दिया जाता है।
इस संबंध में खबर है कि 6 सितंबर को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला मजदूर राहुल यादव दुबई से भारत लौटा था. उन्होंने अपने औजारों का बैग नागौर जिले के दो लोगों अकरम मलिक और इरशाद खान को नागपुर एयरपोर्ट पार्किंग में सौंपा।
दुबई से सोने की तस्करी के शक में पहले से एयरपोर्ट पर निगरानी कर रही नागपुर पुलिस ने तीनों की हरकतों को संदिग्ध पाया. पुलिस ने बैग की जांच की तो उसमें हथौड़े, स्टेपलर व अन्य उपकरण मिले। इन सामानों को देखने के बाद पुलिस दुबई से हवाई जहाज से सामान क्यों और क्यों लाई है? ऐसा सवाल पूछे जाने पर तीनों ने सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया और जब एक सुनार ने उनके औजारों की जांच की तो पता चला कि छिपे हुए छेद से 337 ग्राम सोना तस्करी कर लाया गया था.
तीनों आरोपियों की अब तक की जांच के मुताबिक आजमगढ़ के एक मजदूर राहुल यादव को दुबई में मोती खान नाम के शख्स ने भारत में हमारे शख्स को बैग पहुंचाने के लिए कहा था. इसके लिए राहुल यादव के लिए दुबई से नागपुर और नागपुर से उत्तर प्रदेश के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही राहुल यादव को उन लोगों की फोटो भी दी गई, जिन्हें नागपुर एयरपोर्ट पर बैग सौंपा जाना है.
पुलिस को संदेह है कि दुबई के कुछ तस्कर गरीब भारतीय मजदूरों का इस्तेमाल करके नागपुर के रास्ते सोने की तस्करी के लिए एक नया रास्ता बना रहे हैं।






