नागपूर दिनांक 19 ऑगस्ट ( प्रतिनिधी )
नागपूर में स्वाइन फ्लू जानलेवा बनता जा रहा है। मृत्यु विश्लेषण समिति की बैठक हुई। बैठक में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की नई संख्या 5 बताई गई है। इससे पहले 5 की मौत हो चुकी है। इस तरह कुल 10 लोगों की मौत स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि की गई। मृतकों में शहर के 6 शामिल हैं।
इसके साथ ही शहर में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की कुल संख्या 129 हो गई है। इस समय 99 स्वाइन फ्लू बाधित अस्पताल में भर्ती हैं। इससे 12 साल पहले बरपा स्वाइन फ्लू का कहर याद आने लगा है।
नागपुर विभाग में दो महीने में 211 स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए हैं। इनमें से 129 नागपुर महानगर पालिका सीमा क्षेत्र के हैं। गुरुवार को इस बीमारी के 13 मरीज मिले हैं। बता दें कि जिले में 2009 में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज पाया गया था। उस समय नागपुर विभाग में 45 लोगों की मौत हुई थी। स्वाइन फ्लू की रोकथाम व उपचार पद्धति को लेकर तैयार ब्लू प्रिंट का अमल नहीं हो रहा है, ऐसी चर्चा है। इसके अलावा जागरुकता अभियान ठप होने से भी इस बीमारी का फैलाव होने लगा है।
विश्लेषण समिति में उपस्थित डॉक्टरों ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना हुआ था, उन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।जिन्हें कोरोना हुआ था, उन्हें फेफड़ों की बीमारी जल्दी होती है। ऐसे लोगों को स्वाइन फ्लू होने पर अधिक जोखिम रहती है। सामान्य बुखार, खांसी, जैसे लक्षण दिखाई देते ही डॉक्टर से उपचार कराने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू के उपचारार्थ 5000 प्रतिबंधक टीके उपलब्ध हो चुके हैं। अब तक 500 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। ऐसा मनपा के संक्रामक रोग विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. गाेवर्धन नवखरे ने बताया है।






