रक्षाबंधन के दिन यानी 22 अगस्त से गंगा जमुना की सिल की हुई गलियां खोलकर वारंगानाओ को मुक्त किया जाए अन्यथा तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा ऐसा इशारा राष्ट्रवादी नेता ज्वाला धोटे ने दिया हैं
उन्होंने सवाल किया कि इस बस्ती को बैरिकेड्स लगाने के पहले पुलिस आयुक्त ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पालकमंत्री, महापौर, विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी की अनुमति ली थी? एक और सवाल करते हुए पूछा कि गंगा-जमुना के मध्य में पुलिस चौकी है, फिर वहां अवैध धंधे कैसे चलते हैं। धोटे ने आरोप लगाया कि बिल्डर लॉबी को खुश करने के लिए पुलिस आयुक्त गरीब वारांगनाओं की बलि ले रहे हैं। गंगा-जमुना से सील नहीं निकाली गई तो रक्षा बंधन के दिन आंदोलन किया जाएगा।






