नागपूर दिनांक 30 जून (प्रतिनिधी)
जंगल में कच्ची सड़कें बारिश के मौसम में टाइगर सफारी के लिए मुश्किल खड़ी कर देती हैं। इसलिए हर साल मानसून के मौसम में ताडोबा करीब तीन महीने तक पर्यटन के लिए बंद रहता है।
इस साल भी 1 जुलाई से ताडोबा पर्यटन के लिए बंद रहेगा। ऑनलाइन बुकिंग 30 जून तक फुल है और कोर एरिया के लिए ऑनलाइन बुकिंग 1 जुलाई से बंद कर दी गई है।
चंद्रपुर में ताडोबा टाइगर रिजर्व अपने बाघों के दर्शन के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पर्यटन के लिए आते हैं। जंगल में कच्ची सड़कें होने के कारण बारिश के मौसम में बाघ अभयारण्य बंद हो जाते हैं। कच्ची सड़कें होने से संरक्षित जंगलों में घूमना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ताडोबा का कोर जोन मानसून के दौरान पूरी तरह से बंद रहता है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए मानसून सफारी 1 जुलाई से बंद कर दी जाएगी। इसलिए पर्यटक बफर जोन में ही यात्रा कर सकेंगे।
1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक 1 लाख 94 हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं। मार्च और मई 2022 के बीच, 80,000 से अधिक पर्यटकों ने दौरा किया। हर साल मानसून के कारण कोर जोन बंद रहता है। लेकिन बफर जोन पर्यटन के लिए खुला है।
इस साल भी बफर जोन के 15 गेट पर्यटन के लिए खुले रहेंगे। ताडोबा डार्क टाइगर प्रोजेक्ट के कोर जोन को एक जुलाई से पर्यटन के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसलिए बफर जोन जारी रहेगा।






