नागपूर दिनांक 7 जून ( महानगर प्रतिनिधी)
स्टेशन प्लाईओवर को लेकर भले ही अब तक केवल लीपापोती चलती रही हो लेकिन अब वास्तविक रूप में इसके तोड़ने और 6 लेन सड़क बनाने की योजना साकार होती दिखाई दे रही है.
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फ्लाईओवर के नीचे बने कमरों (दूकानों) के लाइसेंसधारक दूकानदारों का मसला करीब-करीब पूरी तरह से हल हो गया है.
इसलिए फ्लाईओवर तोड़ने के लिए अब 8 जून को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक होने जा रही है. जहां सभी तकनीकी पेचों पर अंतिम निर्णय लेकर तोड़ने का मुहूर्त निकाला जाएगा.
उल्लेखनीय है कि 160 कमरों के लाइसेंसधारक दूकानदारों को मनपा की ओर से अलग-अलग विकल्प दिए थे जिसके अनुसार कुछ लाइसेंसधारकों को ब्याज सहित अग्रिम राशि वापस देने तो कुछ को दूकान के बदले दूकान देने का निर्णय हुआ था. इसमें अब 51 लाइसेंसधारकों को मेट्रो द्वारा निर्मित काम्प्लेक्स में दूकानों का कब्जा देने की शुरुआत की जा रही है.
30 दिनों में खाली करने हैं कमरे
सूत्रों के अनुसार 160 दूकानों में से 29 लाइसेंसधारकों ने दूकानों के बदले उनके द्वारा जमा की गई राशि 8 प्रतिशत ब्याज सहित वापस देने की मांग की थी, जबकि 69 लोगों ने मेट्रो द्वारा बनाए जाने वाले मॉल में दूकान देने की पेशकश की थी.
दोनों विकल्प पर अंतिम निर्णय होने के बाद दूकानों का आवंटन लॉटरी से कराने तथा निधि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई. हाल ही में यह प्रक्रिया पूरी हो चूकी है. हालांकि प्रक्रिया के दौरान कुछ दूकानदारों ने हाई कोर्ट जाकर इसे रोकने का प्रयास भी किया किंतु बात नहीं बन पाई.
आलम यह है कि मनपा के फैसले के अनुसार दोनों विकल्प के साथ दूकानदारों को नोटिस भेजा गया गया था जिसमें से अधिकांश ने नोटिस का जवाब देकर विकल्प चुन लिया था किंतु 44 दूकानदारों की ओर से नोटिस पर संज्ञान ही नहीं लिया गया जिन्हें अब महाराष्ट्र म्युनिसिपल एक्ट की धारा 81बी के तहत आदेश भेजे जा रहे हैं. आदेश के अनुसार इन दूकानदारों को 30 दिनों के भीतर कमरे खाली करने हैं.






