नागपूर दिनांक 15 मार्च (प्रतिनिधी)
रेशिमबाग परिसर में 6 दिन पहले सेंधमारी की वारदात को अंजाम देने वाली टोली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों ने चोरी की 5 वारदातों की कबूली दी. और उनसे अब तक 2.41 लाख रुपये का माल जब्त किया जा चुका है.
पकड़े गए आरोपियों में वकीलपेठ निवासी धीरेंद्र काशीराम गणवीर (35), हिवरा-हिवरी, उमरेड निवासी भरत उर्फ टकल्या पतिराम घरत (32) और छिंदवाड़ा निवासी बबलू उर्फ डागा राजाराम मोहनिया (32) का समावेश है.
बबलू पिछले कुछ महीनों से रेशिमबाग के रजनी बार के पास ही फुटपाथ पर रह रहा था. तीनों आरोपियों ने मिलकर अपनी टोली बनाई. दिन में डागा परिसर में घूम कर बंद मकानों की तलाश करता था. रात में तीनों आरोपी मिलकर वारदात को अंजाम देते थे. रेशिमबाग निवासी राकेश चौधरी (42) के चाचा अशोक चौधरी अपने परिवार के साथ शहर से बाहर गए थे. 7 मार्च की रात आरोपियों ने उनके घर में सेंध लगाई. दूसरे दिन चोरी का पता चला.
CCTV फुटेज से मिला सुराग
पुलिस ने मामला दर्ज कर जोन 4 की साइबर टीम की मदद से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. धीरेंद्र पर पहले भी मामले दर्ज है. उसे पुलिस ने पहचान लिया. पहले धीरेंद्र और उसकी निशानदेही पर डागा को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने सक्करदरा थाना क्षेत्र में सेंधमारी की 4 वारदातों को अंजाम देने की कबूली दी.
आरोपियों ने मौदा थाना क्षेत्र से दोपहिया वाहन भी चोरी किया था. जांच में जुटे पुलिस दल ने भरत टकल्या को गंगाजमुना परिसर से गिरफ्तार किया. आरोपियों से सोने-चांदी के जेवरात और दोपहिया वाहन जब्त किया गया.






