नागपूर में नोट डबल करने का झांसा देकर व्यापारी से 4 लाख की ठगी करनेवाले गिरोह के सदस्यों को पारडी पोलीस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया
पकड़े गए आरोपियों में सौमिक संजयकुमार घोष (37) और इद्रीस यूनुस मिस्त्री (48) का समावेश है. गैंग का मुखिया खैरुल और 1 अन्य अब भी फरार है. पुलिस ने 31 जुलाई को शिवनगर पारडी निवासी लीलाधर शाहू (39) की शिकायत पर मामला दर्ज किया था. लीलाधर फल का व्यापार करते हैं.
घटना से 1 सप्ताह पहले खैरुल उनकी दूकान पर आया. खुद को फल व्यवसायी बताकर अमरूद बिक्री में अच्छा मुनाफा देने का लालच दिया. 1 पेटी पर 750 रुपये कमिशन भी दिया. लीलाधर का विश्वास जीतने के बाद खैरुल ने नोट डबल करने का फंडा बताया. घर जाकर प्रात्यक्षिक भी किया. गरम पानी में केमिकल डालते ही 500 का नोट डबल हो गया. लीलाधर उसकी बातों में आ गए.
3 लाख रुपये डबल करवाने का लालच लीलाधर को आ गया. अपने 1 दोस्त से भी 1 लाख रुपये लिए. खैरुल अपनी टीम के साथ लीलाधर के घर पहुंचा. बड़े बर्तन में पानी गरम करने को कहा. उनसे नोटों के बंडल ले लिए. हाथ की सफाई से नोटों के बंडल गायब कर दिए और कागज का बंडल पानी में डाल दिया. ज्यादा नोट होने के कारण प्रक्रिया में समय लगेगा कहकर आरोपी घर से नाश्ता करने के बहाने निकल गए. काफी देर तक आरोपी नहीं लौटे तो लीलाधर को संदेह हुआ. बर्तन खोलने पर कागज के बंडल दिखाई दिए. उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को द
पोलीस ने प्रकरण की जांच शुरू की ,फोन नंबर से यह साफ हो गया कि आरोपी बंगाल के 24 परगना जिले के रहने वाले हैं. तुरंत जांच दस्ता बंगाल रवाना हुआ. स्थानीय पुलिस ने बताया कि जिस इलाके में आरोपी रहते हैं वह बहुत संवेदनशील है. पुलिस के जाने पर हमला कर देते हैं. फिर भी पुलिस दस्ता पीछे नहीं हटा. दोनों आरोपियों को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में पता चला कि गैंग का मुखिया खैरुल है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. फिलहाल दोनों आरोपी जेल की हवा खा रहे हैं.






