भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा देश में हॉलमार्किंग प्रक्रिया को मनमाने ढंग से अनिवार्य रूप से लागू करने के विरोध में ज्वेलर्स 23 अगस्त सोमवार को दुकानें बंद रखकर सांकेतिक हड़ताल करने का एलान नागपुर सराफा एसोसिएशन ने किया था
आज नागपूर का सराफा बाजार सहित पूरे शहर में स्थित ज्वेलर्स की लगभग सभी दुकानें बंद रखकर सर्राफा व्यापारियों ने हॉल मार्किंग की नई प्रणाली का विरोध कर सांकेतिक हड़ताल की
नागपूर सराफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कावळे ने कहा हम हॉलमार्किंग का स्वागत करते हैं लेकिन हालमार्किंग यूनिक आईडी एक विनाशकारी प्रक्रिया है जो पंजीकरण रद्द करने, दंडात्मक प्रावधान, तलाशी और जब्ती का तत्व उद्योग में इंस्पेक्टर राज लाएगा
एसोसिएशन के सचिव राजेश रोकड़े ने कहा भारत में सालाना लगभग 10 से 12 करोड़ सोने के आभूषण का निर्माण होता है अभी वर्तमान में 6 से 7 करोड़ आभूषण का हालमार्किंग होना बाकी है । हॉलमार्किंग केंद्रों की वर्तमान क्षमता लगभग दो लाख आभूषण प्रतिदिन है इस गति से हॉलमार्किंग करने के लिए 3 से 4 वर्षों का समय लग जाएगा। वर्तमान में नई मार्किंग प्रणाली यानी एचयूआईडी को उत्पादों को हॉलमार्क करने में लगभग 5 से 10 दिन का समय लग रहा है जिसके परिणाम स्वरूप पूरी बाधा उत्पन्न हो गई है और उद्योग ठप्प हो गया है, इसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों पर हो रहा है
ज्वेलर्स ने प्रस्ताव दिया है कि हॉल मार्किंग की प्रक्रिया पॉइंट ऑफ सेल पर होनी चाहिए जबकि बिक्री को छोड़कर स्टोरेज,डिस्प्ले ,मैन्युफैक्चर आदि को बीआईएस एक्ट एवं विनियमन से हटाया जाए






