नागपूर दिनांक 1 अगस्त ( शहर प्रतिनिधी)
गिट्टीखदान थाना क्षेत्र में हत्या की सनसनीखेज वारदात हुई. एकतरफा प्यार में सनकी युवक ने किशोरी के पिता को ही मार डाला. थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर यह वारदात हुई. दिनदहाड़े आरोपी युवक ने चाकू से सपासप वार किए. इससे परिसर के नागरिकों में भी दहशत फैल गई.
पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया लेकिन घटना को लेकर मृतक के परिजन और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है. मृतक गुप्ता चौक, सुरेंद्रगढ़ निवासी नारायणप्रसाद गयाप्रसाद द्विवेदी (35) बताए गए. आरोपी बलराम मनोज पांडे (20) बताया गया. नारायण नागपुर रेलवे स्टेशन पर खाद्य पदार्थ का स्टॉल चलाते थे. पिछले 10 वर्षों से द्विवेदी परिवार मनोज पांडे के घर पर किराये से रहता था. नारायण की 15 वर्षीय बेटी अनुष्का 10वीं कक्षा में पढ़ती है.
1 वर्ष से कर रहा था परेशान
पिछले 1 वर्ष से बलराम उसे परेशान कर रहा था. स्कूल आते-जाते समय उसका पीछा करता था. रास्ते में छेड़खानी करता था. आखिर परेशान होकर कुछ दिन पहले अनुष्का ने अपनी मां अनू को जानकारी दी. अनू ने नारायण को जानकारी दी. नारायण ने बलराम को जमकर फटकार लगाई. उसके माता-पिता को भी सारी बातों की जानकारी दी. बलराम के पिता मनोज ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में बलराम ऐसा कोई काम नहीं करेगा, इसीलिए नारायण ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवाई.
इसके बाद भी बलराम नहीं सुधरा. वह लगातार अनुष्का को परेशान कर रहा था. बलराम के पिता ने भी उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ सुनने को तैयार नहीं था. ऐसे में उन्होंने नारायण को घर खाली करके कहीं और रहने को कहा.
3 दिन पहले ही खाली किया मकान
28 जुलाई को नारायण ने पांडे का मकान खाली कर दिया और सुरेंद्रगढ़ में ही दूसरा कमरा किराये से लिया. घर खाली करते समय भी बलराम ने नारायण को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने घर खाली किया तो वह उनका मर्डर कर देगा. नारायण ने उसे जमकर फटकार लगाई और घर खाली कर दिया.
रोज की तरह सुबह 8.30 बजे के दौरान नारायण अपनी मोटरसाइकिल पर रेलवे स्टेशन जाने के लिए निकले. गिट्टीखदान पुलिस स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर बलराम ने उनका रास्ता रोका. चाकू जैसे हथियार से उन पर कई वार किए. नारायण वहीं ढेर हो गए और बलराम फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही गिट्टीखदान पुलिस मौके पर पहुंची. पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
परिजनों में रोष, थाने का घेराव
घटना के कुछ समय बाद ही गिट्टीखदान पुलिस ने बलराम को गोरेवाड़ा परिसर से गिरफ्तार कर लिया. नारायण मूलत: रीवा (मध्य प्रदेश) के रहने वाले थे. परिजन पोस्टमार्टम के बाद उनका शव रीवा ले जाने वाले थे लेकिन दस्तावेज बनाने में देरी के चलते उनका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. इस वजह से परिजन और स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया. रात 8 बजे के दौरान बड़ी संख्या में गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव किया.देर रात तक तनाव की स्थिति बनी हुई थी.
चर्चा ये भी है कि नारायण को मौत के घाट उतारने के बाद बलराम ने मोबाइल पर फोटो भी खींची थी. यह फोटो वह नारायण के परिजनों को भेजने वाला था. लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.






