नागपूर दिनांक 20 जून ( महानगर प्रतिनिधी)
रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला एक और रैकेट सामने आया है. बंटी-बबली ने दर्जनभर युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा दिया. फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 68 लाख रुपये ठग लिए और अपना मकान बेचकर फरार हो गए.
आरोपियों में मिलिंदनगर, चांदमारी निवासी आशीष प्रदीप गोस्वामी और कविता आशीष गोस्वामी का समावेश है. पुलिस ने पंचशीलनगर, कन्हान निवासी शेखर दशरथ बोरकर (27) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. शेखर कोचिंग सेंटर चलाता है.
वर्ष 2019 में शेखर की पहचान आशीष और कविता से हुई. दोनों ने शेखर को बताया कि उनकी रेलवे में अच्छी पहचान है. वह चाहे तो पैसे खर्च करके रेलवे में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी मिल सकती है. दक्षिण-मध्य रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर शेखर से 10 लाख रुपये लिए गए. इसी तरह गोस्वामी दंपति ने और भी 11 युवाओं को फंसाया. सभी को रेलवे में नौकरी मिलने की जानकारी दी. उनके ईमेल आईडी पर साउथ सेंट्रल रेलवे के नियुक्ति पत्र भी भेज दिए.
बाद में जांच करने पर नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला. युवाओं ने अपने पैसे वापस मांगे तो गोस्वामी दंपति टालमटोल करते रहे. बाद में विश्वास दिलाया कि अपना मकान बेचकर सभी के पैसे लौटा देंगे. कुछ दिन पहले आशीष और कविता अपना मकान बेचकर नागपुर से रफूचक्कर हो गए. शेखर सहित सभी 12 पीड़ितों ने प्रकरण की शिकायत वाठोड़ा पुलिस से की.
पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गोस्वामी दंपति की तलाश शुरू की है. जानकारी मिली है कि ठग बंटी-बबली ने और भी लोगों के साथ धोखाधड़ी की है. दोनों ने अपनी एक संस्था शुरू की थी. इस संस्था के जरिए अलग-अलग स्कीम बताकर लोगों से पैसा लिया था. जल्द ही और भी लोग पुलिस से शिकायत कर सकते हैं.






