कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट ने समय-समय तबाह मचाई है, जो अब भी जारी है. इसकी कोई दवा अब तक नहीं बन पाई है. ऐसे में अलग-अलग बीमारियों की दवाओं के प्रयोग से डॉक्टर्स मरीजों की जान बचा रहे हैं. इसी कड़ी में एक और प्रयोग सफल होता दिखाई दिया.. नाम है वियाग्रा. इस दवा से 45 दिन से कोमा में पड़ी नर्स को फिर से होश में लाने में बड़ी सफलता मिली है.
इंग्लैंड के गेंसबरो लिंकनशायर(Gainsborough Lincolnshire, England) में 45 दिन से कोमा में रही नर्स को वियाग्रा की हैवी डोज़ दी गई. जिससे अब वो होश में आई. अब वो ठीक है. मोनिका अल्मेडा कोरोना मरीजों का इलाज करती थी. इसी दौरान वो कोरोना से संक्रमित हुई थी. वियाग्रा से इलाज का आइडिया उनके साथी कर्मचारियों का था जो सफल रहा. मोनिका 16 नवंबर से ही कोमा में थी. उसके पहले अक्टूबर में कोरोना संक्रमित होने के बाद वो अस्पताल में भर्ती थी जहां इलाज के बाद वो घर आ गई थी. मगर उन्हें सांस लेने में फिर दिक्कत हुई और उन्हें तुरंत अस्पताल जाना पड़ा था. हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और वो कोमा में चली गई.
वियाग्रा की हैवी डोज़ बनी जीवनदायिनी
37 साल की नर्स मोनिका अल्मेडा(Monica Almeida)कोरोना पेशेंट्स का इलाज करने के दौरान कोरोना की चपेट में आई थी. मोनिका अक्टूबर में कोरोना पॉज़िटिव हुई थी.. धीरे-धीरे हालत बिगड़ती गई और वो कोमा में चली गई. 45 दिन तक कोमा में रहने के बाद उनके साथियों ने नए प्रयोग के तौर पर उन्हें वियाग्रा का डोज़ दिया. जिसने कमाल कर दिया. मोनिका होश में आने लगी. उन्हें वियाग्रा की हैवी डोज़ दी गई थी. जिससे उनका ऑक्सीज़न लेवल मेंटेन करने में मदद मिली.
ऑक्सीज़न लेवल को बूस्ट करता है वियाग्रा
कई दवाओं के इस्तेमाल के बाद मोनिका की हालत में सुधार नहीं था. उन्हें पहले से अस्थमा था जिसके चलते उनका ऑक्सीज़न लेवल लगातार गिर रहा था, वियाग्रा का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर को बेहतर बनाने में सहायक होता है. वियाग्रा फेफड़ों में फोस्पोडायस्टेरियस एंजाइम बनाकर फेंफड़ो को आराम पहुंचाती है. जिससे ऑक्सीज़न लेवल ठीक हुआ और मोनिका की जान बच पाई. अब वो पूरी तरह ठीक हैं. डॉक्टरों ने उन्हें होश में लाने के लिए इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दवा का उपयोग किया. मोनिका अल्मेडा इस प्रयोग और अपनी जान बचाने के लिए अपनी साथियों की तहेदिल से शुक्रगुज़ार है.






